– करीब ₹12 करोड़ के फर्जी लेन-देन का खुलासा, कई फर्जी फर्में बनाकर किया गया था खेल
सोनभद्र। ड्रग माफियाओं और नशीले कफ सीरप तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नशीले कफ सीरप प्रकरण में ₹10,000 के इनामिया अभियुक्त सत्यम कुमार 28 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में एसआईटी, एसओजी और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्त सत्यम कुमार, वाराणसी के कबीरचौरा क्षेत्र का निवासी है।
फर्जी मेडिकल फर्म बनाकर करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने ग्राम बरकरा, रॉबर्ट्सगंज के पते पर किराए का मकान लेकर “मां कृपा मेडिकल” नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया था। यह फर्म मौके पर अस्तित्व में नहीं पाई गई। अभियुक्त ने झारखंड की शैली ट्रेडर्स, रांची से लगभग ₹6 करोड़ का फेन्साडिल कफ सीरप कागजों में क्रय दिखाया और जनपद भदोही की फर्जी फर्मों आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल के नाम विक्रय दर्शाकर बैंक खातों के जरिए धनराशि का रोटेशन किया। इसी तरह अभियुक्त के भाई के नाम पर बनाई गई दूसरी फर्जी फर्म “शिविक्षा फार्मा” के माध्यम से भी करीब ₹6 करोड़ का लेन-देन कागजों में दिखाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सीरप का वास्तविक परिवहन कभी हुआ ही नहीं।
मास्टरमाइंड की कड़ी से गिरफ्तारी
इस मामले के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को पहले कोलकाता से गिरफ्तार कर 4 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। उसी की निशानदेही पर रांची में पूछताछ के बाद सत्यम कुमार की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसे प्रति शीशी ₹1 का कमीशन दिया जाता था। ई-वे बिल और अन्य दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर औषधि विभाग को भेजे जाते थे।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बरामदगियां
- 18 अक्टूबर 2025: दो कंटेनरों से 1,19,675 शीशी (₹3.5 करोड़) कफ सीरप बरामद
- 1 नवंबर 2025: रांची में 13,400 शीशी अवैध कफ सीरप बरामद
- 3-4 नवंबर 2025: चार ट्रकों से ₹3.40 करोड़ का कफ सीरप और ₹20 लाख नकद बरामद
एसआईटी, एसओजी व थाना रॉबर्ट्सगंज की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
Author: Pramod Gupta
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