सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, बढ़ता मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और जीवन में दिशा के अभाव के दौर में आध्यात्मिक मार्गदर्शन की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे समय में सोनभद्र जनपद के दीविका, सखी और चिंदावन क्षेत्र में सक्रिय दीविका सखी लोगों के लिए विश्वास, शांति और समाधान का केंद्र बनकर उभरी हैं। गृहस्थ जीवन से जुड़ी परेशानियाँ हों या मानसिक व भावनात्मक तनाव-दीविका सखी ईश्वर कृपा से हर व्यक्ति को सही मार्ग दिखाने का प्रयास कर रही हैं। दीविका सखी का जन्म स्थान भरतपुर है। उन्होंने मधुरा दाऊजी पैरामेडिकल कॉलेज से ऑपरेशन बेटर की शिक्षा प्राप्त की है। सांसारिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना की ओर उनका झुकाव उन्हें सेवा और साधना के मार्ग पर ले आया। वर्ष 2024 में उन्होंने पूज्य प्रेमानन्द जी महाराज से दीक्षा प्राप्त की, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। दीक्षा के उपरांत उन्होंने अपना जीवन मानव सेवा, आध्यात्मिक साधना और लोककल्याण के लिए समर्पित कर दिया। वृंदावन स्थित श्री हरिदास सेवा कुंज में सेवा करते हुए दीविका सखी ने आध्यात्मिक अनुशासन, संयम और सेवा भाव को आत्मसात किया। वहीं से प्राप्त अनुभवों के आधार पर वे आज समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में उनका संपर्क स्थल रॉबर्ट्सगंज, चुर्कमोड़, उरमौरा है, जहाँ दूर-दराज़ से लोग उनसे मिलने पहुँच रहे हैं। दीविका सखी का मानना है कि मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द का मूल आधार आत्मिक संतुलन है। वे बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनती हैं और व्यावहारिक तथा आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोण से समाधान सुझाती हैं। दांपत्य जीवन की समस्याएँ,
Author: Pramod Gupta
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