January 15, 2026 5:30 pm

दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट मामले में जगदीश प्रजापति को 10 वर्ष का कारावास

– 50 हजार रुपये अर्थदंड, 40 हजार पीड़िता को देने का आदेश

सोनभद्र। करीब साढ़े सात वर्ष पूर्व 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए दोषी जगदीश प्रजापति को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही, जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित किया जाएगा। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को प्रदान किए जाएं।अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना म्योरपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 7 जनवरी 2018 को शाम करीब 6 बजे जगदीश प्रजापति पुत्र मोतीलाल प्रजापति, निवासी किरबिल, थाना म्योरपुर, जनपद सोनभद्र ने उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। पीड़िता द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने पर परिवार ने सामाजिक प्रतिष्ठा को देखते हुए बेटी के बालिग होने पर शादी कराने की बात कही, किंतु आरोपी इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 13 जनवरी 2018 को एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने, छह गवाहों के बयान तथा पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध पाया और उक्त सजा सुनाई।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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