सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) शनिवार की रात बभनी थाना क्षेत्र अंतर्गत नधिरा के पास मंगल बाजार में बीजपुर थाना क्षेत्र के जरहा गाँव निवासी कुछ खैर तस्करों के बीच उपजे विवाद के बाद कत्था लकड़ी के तस्करों में वर्चस्व की जंग तेज हो गयी है। वर्षों से छत्तीसगढ़ के जंगलों सहित यूपी के जरहा वन रेंज से खैर के लकड़ी की तस्करी कर करोड़ों रुपए का साम्राज्य खड़ा करने वाले तस्कर मुखबिर की सूचना पर रविवार अलसुबह हाथीनाला थाना क्षेत्र के मालो घाट से 13 टन खैर की लकड़ी से भरा ट्रक को पिपरी वनरेंज की टीम ने पकड़ कर छत्तीसगढ़ से यूपी के जरहा वन रेंज के रास्ते वन संपदा का काल कारोबार करने वालों का भंडाफोड़ कर दिया। अपुष्ट सूत्रों पर विश्वास करें तो इस सेटिंग गेटिंग वाले तस्करी के खेल में चार वर्ष पूर्व बीजपुर थाना में तैनात इसके बाद दो वर्ष पहले म्योरपुर थाना में तैनात एक चर्चित पुलिस कर्मी की सांठ गांठ और संरक्षण में कारोबार को लंबे समय से अंजाम दिया जा रहा था बीच मे लेनदेन को लेकर आपस मे बात बिगड़ी तो पकड़ने और पकड़वाने के स्तर पर मामला पहुंच गया है कहा जाता है कि अगर सब कुछ ठीक ठाक रहता तो शायद महकमा खाक ही छानता रहता और खैर का कारोबार फलता फूलता रहता। फिलहाल खैर की लकड़ी तस्करी में पकड़ाएं चार लोगों में दो जरहा के राजो निवासी बताए गए है तथा दो हरियाणा के कारोबारी बताए जा रहे हैं 13 टन लकड़ी से भरा ट्रक पिपरी रेंज कार्यालय में सीज कर विधिक कार्रवाई जारी है। जरहा वन रेंज अधिकारी सुधीर कुमार सिंह ने कहा पकड़ाए खैर की लकड़ी छत्तीसगढ़ के जंगलों से लाई गई है इसमे जरहा के किसी भी कटाना से कोई सम्बंध नही है। इस बाबत डीएफओ रेणुकोट कमल कुमार से बात करने की कोशिश की गयी लेकिन उनका नम्बर बन्द था।
Author: Pramod Gupta
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