सोनभद्र (रेणुकूट) सनातन एकता सेवा संघ एवं सुगम्या फाइनेंस द्वारा समन्वय परिवार मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिवस की कथा में श्रद्धालुओं ने दिव्य आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। श्रीधाम वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथा वाचक पूज्य स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह की अलौकिक कथा का अमृतपान कराया। महाराज श्री ने कहा कि “संसार के समस्त पापों का नाश भगवान के नाम जप से हो जाता है।” उन्होंने हिमालय पर सम्पन्न दिव्य शिव विवाह का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि समूचा पांडाल भक्ति से सराबोर हो गया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार देव–दानव, यक्ष–गंधर्व, सिद्ध–चारण और समस्त लोक अपने-अपने स्वरूप और तेज के साथ इस अनुपम विवाह में सम्मिलित हुए। भगवान शिव की भूत–गणों से सुसज्जित अनोखी बारात, नागाभूषण व महामृत्युंजय स्वरूप का वर्णन भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना। वहीं माता पार्वती के सौंदर्य, तपस्या और शिवजी के प्रति उनके समर्पण की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। विवाह संस्कारों का प्रतीकात्मक मंचन किया गया, जिसके दौरान “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। आयोजकों के अनुसार शिव विवाह का यह उत्सव समाज में प्रेम, संतुलन, समर्पण और धैर्य की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान अवधेश मिश्र, मनोज वर्मा, राजेश वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष छवि शाह, आशीष मिश्र, सुभाष मिश्र, राजेश मिश्र, अनुराग पाठक, पवन पाण्डेय, मनोज त्रिपाठी बाबा, मिथलेश मिश्र समेत भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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