– एक लाख रुपये अर्थदंड, भुगतान न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद
– जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित
– अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी
– शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और बलात्कार का मामला
सोनभद्र। छह वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ बलात्कार करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी/सीएडब्ल्यू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने शनिवार को दोषी सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित किया जाएगा। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को प्रदान करने का आदेश दिया गया। अभियोजन के अनुसार जुगैल थाना क्षेत्र की पीड़िता ने 28 फरवरी 2020 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 17 सितंबर 2019 को सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार पुत्र रामबचन खरवार निवासी खेवन्धा, थाना जुगैल शादी का झांसा देकर उसे भगा ले गया और लगभग पांच माह तक उसके साथ बलात्कार करता रहा। जब पीड़िता ने कोर्ट मैरिज कराने की बात कही, तो आरोपी ने इनकार कर दिया। इस संबंध में पंचायत भी हुई, लेकिन आरोपी ने उसे रखने से इंकार कर दिया और भगा दिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और संपूर्ण पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध पाया और उसे 10 वर्ष की कठोर कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे छह माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
Author: Pramod Gupta
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