– डीएम के निर्देशों के बावजूद भगवान भरोसे चल रही स्वास्थ्य सेवाएं
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के आकांक्षी जिलों में शामिल जनपद सोनभद्र में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएँ बदहाल होती जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग में मुखिया के अभाव में संपूर्ण व्यवस्था प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सहारे चल रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। ग्राम पंचायत नौडीहा के राजस्व गांव नाको में करीब 50 वर्ष पूर्व निर्मित ए.एन.एम. सेंटर आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में है। विकास कार्यों की तमाम घोषणाओं और योजनाओं के बावजूद इस केंद्र पर न तो आज तक बिजली के खंभे लगाए जा सके और न ही बाउंड्रीवॉल का निर्माण हो पाया है। सुरक्षा और सुविधा के अभाव में यहाँ तैनात स्वास्थ्यकर्मी रहने को मजबूर हैं, जिससे केंद्र की सेवाएँ प्रभावित होती हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मुद्दा कुछ माह पहले जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह के संज्ञान में लाया गया था। डीएम ने तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन माहों बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने एक बार फिर डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता गंभीर रूप से प्रभावित हो जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता के कारण आकांक्षी जिले के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएँ भगवान भरोसे चल रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार और जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण समस्या पर तत्काल ठोस कार्यवाही करे।
Author: Pramod Gupta
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