मिर्जापुर (अहरौरा) बगहिया स्थित एक पत्थर की खदान में बृहस्पतिवार सुबह लोडिंग के दौरान पोकलेन मशीन की बकेट के नीचे दबकर मुंशी जयहिंद उर्फ गोलू यादव उम्र 32 वर्ष की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद खदान से जुड़े लोग कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में शव को पन्नी में लपेटकर चारपहिया वाहन में रखकर लेकर भागने लगे। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों ने पीछा कर चंदौली बॉर्डर के पास अमरा गांव में वाहन को रोक लिया और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही एसएसपी सोमेन बर्मा, एसडीएम चुनार और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाद में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक जयहिंद के मौसा शिवपूजन यादव ने आरोप लगाया कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि यदि यह सिर्फ हादसा था तो शव को पन्नी में छिपाकर क्यों ले जाया जा रहा था? परिजनों का कहना है कि मौके से शव हटाने का प्रयास यह साबित करता है कि घटना को दबाने की तैयारी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खदान का पट्टा चंदौली जिले के एक राजनीतिक दल से जुड़े वरिष्ठ नेता के नाम पर है, इसलिए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। एसएसपी सोमेन बर्मा ने बताया कि अहरौरा क्षेत्र की एक खदान में एक मुंशी की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर दी जाती है तो मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी- एसएसपी सोमेन बर्मा, हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने खदान प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। ग्रामीण बाइक से पीछा करते हुए शव लेकर भाग रहे वाहन को अमरा बॉर्डर पर घेरने में सफल हुए। बाद में पुलिस की मौजूदगी में शव को खदान कर्मियों के कब्जे से लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
Author: Pramod Gupta
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