सोनभद्र। आई०जी०आर०एस० संदर्भ संख्या 40020025013335 के तहत अभिभावक की शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई और नोटिस जारी होने के बाद भी सेंट पॉल्स स्कूल कोल्हुआ रामगढ़ का प्रबंधन अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है। बढ़ी हुई फीस वापस न किए जाने और अभिभावकों को लगातार परेशान किए जाने को लेकर अब मामला और गर्माने लगा है। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार निवासी दुगौलिया चतरा ने आईजीआरएस पोर्टल पर आरोप लगाया था कि विद्यालय प्रबंधन बिना जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति के हर साल फीस बढ़ाता है। आरोपों में यह भी कहा गया था कि पूछताछ करने पर अभिभावकों से अभद्रता की जाती है और बच्चों को परीक्षा-कक्षा से निकालने की धमकी दी जाती है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी चतरा ने 23 सितम्बर 2025 को विद्यालय का निरीक्षण किया।
जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, विद्यालय प्रबंधन ने जांच में सहयोग नहीं किया, बिना अनुमति फीस वृद्धि की गई, निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोज़े, बेल्ट-टाई अभिभावकों को मनमाने दामों पर बेचे जा रहे थे, यह पूरा मामला शासनादेशों के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सोनभद्र ने पत्रांक बे०शि०/6084-87/2025-26 दिनांक 04-10-2025 के माध्यम से प्रबंधक एवं प्रधानाचार्या को नोटिस जारी किया था। नोटिस में बढ़ी हुई फीस वापस करने, अभिलेख उपलब्ध कराने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन नोटिस जारी होने के कई हफ्ते बाद भी विद्यालय प्रबंधन ने बढ़ी हुई फीस वापस नहीं की है। अभिभावक अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि विभागीय जांच में सब कुछ साफ होने के बावजूद प्रशासनिक मशीनरी खामोश है, जिससे स्कूल प्रबंधन के हौसले और बढ़ गए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि “जब जिला प्रशासन ने 12 अप्रैल 2025 को किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि पर रोक लगाई थी, तब स्कूल ने आदेश की धज्जियां कैसे उड़ा दीं? और कार्रवाई ठोस रूप से अब तक क्यों नहीं हुई?”
इधर विभाग ने पूरा प्रकरण शासन को भेज दिया है और निस्तारण की प्रक्रिया में बताया है, लेकिन अभिभावकों का सवाल है, “निस्तारण कब होगा? और क्या स्कूल प्रबंधन को मनमानी जारी रखने की खुली छूट है?”
जिले में शिक्षा व्यवस्था की साख पर इस मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों की मांग है कि बढ़ी हुई फीस तत्काल वापस कराई जाए और स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
Author: Pramod Gupta
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