सोनभद्र। डाला (अर्जून सिंह) नगर पंचायत डाला बाज़ार के 9 सभासदो व अध्यक्ष के बीच चल रही तानातनी अब सार्वजनिक हो गई है। सभासदो व अध्यक्ष ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया है।सभासदो ने काम में रूची न लेने पर अध्यक्ष के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है,वही अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ईओ व सभासदो की मिली भगत से छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को हस्ताक्षर युक्त रजिस्टर्ड पत्र डाक द्वारा जिलाधिकारी को भेज कर नगर पंचायत डाला बाजार के नौ सभासदो ने अध्यक्ष पर विकास कार्यों में रुचि न लेने का आरोप लगाते हुए चेयरमैन के विरुद्ध कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। नगर पंचायत डाला बाजार में कुल दस सभासद है, जिसमें नौ सभासद चेयरमैन की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध में उतर गए हैं। नगर पंचायत डाला बाजार के वार्ड एक सभासद ज्ञान देवी, वार्ड दो के अवनीश देव पाण्डेय, वार्ड तीन के संतोष कुमार कुशवाहा, वार्ड चार के बलवीर कुमार, वार्ड पांच के शबाना खान, वार्ड सात के विशाल कुमार, वार्ड आठ के आशा देवी, वार्ड नौ के दीक्षा पटेल एवं वार्ड दस की विन्दू सिंह ने संयुक्त रुप से हस्ताक्षर युक्त पत्र रजिस्टर्ड डाक द्वारा जिलाधिकारी को भेजकर बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रही हैं।नगर में साफ सफाई को लेकर कई बार मौखिक एवं लिखित प्रस्ताव दिया गया कि सफाई कर्मचारीयो की संख्या बढ़ाया जाए, जिससे नगर के सभी वार्डो की पुरी साफ सफाई सुदृढ़ हो सके और सरकार द्वारा विकास निधि का उपयोग सही तरीके से हो सके।विकास रूपी सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। कुछ दिनों पूर्व 5 मार्च को दीनदयाल उपाध्याय नगरीय योजना का धन पास हुआ ,लेकिन अभी तक उस पर काम चालू नहीं हुआ है।वार्ड दस में तो एक काम का तो अभी तक टेंडर ही नहीं हुआ है। भेजे गये पत्र में कहा गया है कि जब उनके चहेतों को जब टेंडर नहीं मिलता है तो उस टेंडर को निरस्त कर दिया जाता है। सभासदो ने भेजे गये पत्र में कहा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष समाजवादी पार्टी से जुड़ी है,जो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जनता को दूर रख कर सरकार को बदनाम करना चाहती है।सभासदो ने अधिशासी अधिकारी से बोर्ड बैठक कराने को कहा था जिसपर अधिशासी अधिकारी ने 21 सितम्बर को बैठक रखा लेकिन चेयरमैन ने बैठक को टाल दिया,जब सभासदों ने नगर पंचायत कार्यालय पर दबाव बनाया की बोर्ड बैठक क्यों नहीं हो रहा है, बोर्ड बैठक न होने से विकास कार्य अवरुद्ध हो रहा है। नगर में जनता द्वारा सभासदो को बातें सुनना पड़ रहा हैं, तब नगर पंचायत अध्यक्ष बोर्ड बैठक के लिए तैयार हुई और 23 सितम्बर को बोर्ड बैठक की गई।बैठक में सभासदो द्वारा प्रस्ताव दिया गया लेकिन उन प्रस्ताव पर कोई कार्य नहीं हो रहा है और प्रस्ताव वैसे ही पड़ा हुआ है।सभासदो ने भेजे गये पत्र में बताया है कि अध्यक्ष के चहेतो कि नहीं चल पा रही है, उनके चहेता कहता है कि अगर अधिशासी अधिकारी उसके हिसाब से नहीं चलेगें तो काम नहीं करने देंगें। गुरूवार को नगर पंचायत डाला बाजार की अध्यक्ष फूलवंती कुमारी ने नगर पंचायत कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सभासदो द्वारा जो आरोप मुझ पर लगाया गया है वह बिल्कुल ही झूठा है। ईओ और सभासदो की मिली भगत से मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि ईओ ने एक बार कहा था कि सभासदो की कुछ मंथली ब्यवस्था कर दिया जाए,जिसे मैने मना कर दिया। मेरा कहना था कि जो सरकारी ब्यवस्था है उसे कैसे बर्बाद किया जा सकता है।सभासदो द्वारा मेरे ऊपर कामो में शिथिलता बरतने का जो आरोप लगाया है वह मेरी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि ईओ की जिम्मेदारी है कि वह कार्य को पुरा कराए। चुड़ीगली में हो रहे कार्य को मैने बंद कराया था जिसे ईओ ने बिना जाँच किये ही चालू करा दिया। पिछले दो बोर्ड की बैठको में सभासदो को बुलाने पर भी वे नहीं आये। ईसी लिए तय हुआ कि जब सभासद कहेंगें तभी बोर्ड बैठक कराया जाएगा। मेरे द्वारा बोर्ड बैठक कभी टाला नहीं गया। दो वर्षो में अबतक छह बार बोर्ड की बैठक हो चुका है। सभासद चाहे तो हर माह बोर्ड की बैठक हो सकता है। वही नगर पंचायत डाला बाजार के अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि अध्यक्ष द्वारा मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाया गया है वह सब बेबुनियाद और झूठा है। बिच में बरसात होने की वजह से काम रूका हुआ था। बरसात खत्म होते ही काम चालू करा दिया गया है। जो टेंडर हुआ है उसमें से जो ठिकेदारो ने काम शुरू नहीं किया है, उन सबको नोटिस भी जारी कर दिया गया है।चुड़ी गली का काम वहा के रहवासियो की आम सहमती से चालू कराया गया है। बोर्ड बैठक बुलाना अध्यक्ष का विशेषाधिकार है। कार्यवाही रजिस्टर कार्यालय में रखा रहता है,अध्यक्ष जब चाहे रजिस्टर मंगाकर देख सकती हैं।अध्यक्ष के द्वारा सभासदो को मंथली देने सम्बंधी जो आरोप मुझपर लगाया गया है वह बिल्कुल ही झूठा है। बल्कि मैने कहा था कि सरकार विकास कार्य कराने के लिए धन देने में कोई कोताही नहीं कर रही है। इस लिए और विकास कार्य को तेजी के साथ किया जाए। नगर में सफाई के लिए सफाई कर्मीयो की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र भी लिखा था, जिसे अध्यक्ष ने मना कर दिया।
Author: Pramod Gupta
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