– आदिवासियों का सम्मान आज फिर लौटा है : राज्यपाल
सोनभद्र। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र के पटना स्थित शिव मंदिर (सिल्थम) परिसर में आयोजित नीलांबर-पीतांबर खरवार स्मृति सम्मान समारोह का शुभारंभ असम के महामहिम राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि “आज आदिवासियों, गिरवासियों और वनवासियों का सम्मान पुनः स्थापित हुआ है। जिस भारत का सपना बिरसा मुंडा, नीलांबर- पीतांबर जैसे जननायकों ने देखा था, वह सपना आज साकार हो रहा है।” उन्होंने ‘बिरसा मुंडा अमर रहें, नीलांबर- पीतांबर अमर रहें’ के जयघोष के साथ सभा में एकता और राष्ट्रीय अखंडता का संदेश दिया। कार्यक्रम में सदर विधायक भूपेश चौबे, शारदा खरवार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले दर्जनभर से अधिक आदिवासी व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता पूर्व विधायक घमड़ी खरवार की पत्नी कलावती खरवार ने की, जबकि संयोजन मुन्ना धांगर द्वारा किया गया। अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने राज्यपाल का अभिनंदन पत्र पढ़ा। इस दौरान भाजपा काशी क्षेत्र के पूर्व उपाध्यक्ष रमेश मिश्रा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व राज्यपाल ने सिल्थम गांव में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरिवंश धांगर व विष्णु धांगर स्मृति द्वार का लोकार्पण किया, जो विधायक निधि से निर्मित है। इसके अलावा, उन्होंने रामगढ़ बाजार स्थित कालिदास शिक्षण संस्थान परिसर तक नव-निर्मित इंटरलॉकिंग मार्ग का उद्घाटन भी किया। सर्किट हाउस से पटना तक रास्ते में नागरिकों, विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल का स्वागत माल्यार्पण एवं ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ किया। रामगढ़ कस्बे में अपने छोटे भाई शीतल आचार्य के आवास पर राज्यपाल ने क्षेत्र के लोगों से भेंट की और वहीं दोपहर का भोजन किया। कार्यक्रम स्थल व मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे। सुबह से ही जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर राज सोनकर सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी निगरानी करते रहे। समापन पर महामहिम राज्यपाल ने शिव मंदिर परिसर में पौधारोपण कर वृक्षों के संरक्षण का संदेश दिया।
Author: Pramod Gupta
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