– वैनी से खलियारी तक दर्जनों क्लीनिक और पैथोलॉजी सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित
सोनभद्र। जिले का नगवां ब्लॉक जो पहले से ही नक्सल प्रभावित और अति पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है, वहाँ के ग्रामीणों के सामने अब स्वास्थ्य सेवाओं का गंभीर संकट खड़ा है। वैनी से लेकर खलियारी बाजार तक दर्जनों की संख्या में कथित झोला-छाप डॉक्टरों और अवैध पैथोलॉजी जांच केंद्रों के संचालन की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये क्लीनिक न सिर्फ गरीब और अशिक्षित जनता का आर्थिक शोषण कर रहे हैं, बल्कि गलत इलाज के कारण कई बार मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, वैनी और खलियारी दोनों बाजारों में कई ऐसे क्लीनिक और जांच घर चल रहे हैं जहाँ न तो एमबीबीएस या विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद हैं, न ही किसी प्रकार की सरकारी पंजीकरण प्रक्रिया का पालन किया जाता है। आरोप यह भी है कि ऐसे कई क्लीनिकों को स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों का मौन संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा किया जाता है। सूत्रों का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क नोडल अधिकारी गुलाब यादव की शह पर चल रहा है और कथित रूप से सीएमओ कार्यालय तक हर सप्ताह ‘चढ़ावा’ पहुँचता है। ग्रामीणों का कहना है कि “मरीज की जान की कीमत यहीं तय हो जाती है।” हालांकि, इन आरोपों की सरकारी स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वैनी बाजार में स्थित दो क्लीनिकों के नाम विशेष रूप से चर्चा में हैं- एक पेट्रोल पंप के पास तथा दूसरी सरईगढ़ मार्ग पर हनुमान मंदिर के बगल में। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब भी छापेमारी के लिए आती है, बाकी क्लीनिक तो बंद हो जाते हैं, मगर इन दो क्लीनिकों पर कार्रवाई नहीं होती, जिससे संदेह और गहराता है। इसी तरह खलियारी बाजार, जो बिहार सीमा से सटा हुआ है, पहाड़ों के कई ग्रामीणों के इलाज का प्रमुख केंद्र है। यहाँ भी अप्रशिक्षित उपचारकर्ताओं द्वारा गलत इलाज व महंगी दवाइयों के जरिए लूटखसोट का आरोप है। कई मामलों में गलत इलाज के कारण गंभीर स्थितियाँ और मौतें सामने आने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल संज्ञान लेने, अवैध क्लीनिकों पर कठोर कार्रवाई, और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका की जाँच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार डबल इंजन का दावा करती है तो यहाँ स्वास्थ्य सेवाओं का जंगलराज खत्म होना चाहिए।
Author: Pramod Gupta
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