सोनभद्र। कोन (मुन्ना लाल) विकास खंड कोन के कचनरवा, कुड़वा सहित फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों में जल जीवन मिशन की हर घर नल योजना धरातल पर सफल नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन कार्य कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया, जबकि असल में नलों से पानी नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि विभाग द्वारा महीनों में कभी-कभार 10 मिनट पानी देकर फोटो व फर्जी वीडियो भेजे जाते हैं, जिससे समस्या छुपाई जा रही है। प्रभावित गांवों में कचनरवा, असनाबांध, नरोईयादमर, मधुरी, रोहिनवादामर, शिकारीखोली, बड़ाप, बागेसोती, सिंगा, डुबवा, कुड़वा, धौरवादामर, सेमरवादामर, गोबरदाहा, डीलवाहा, शिवाखाड़ी, धीचोरवा, पीपरखाड़, बिछमरवा, केवाल, मिश्री, डोमा, बहुआरा, रगरम, खरौंधी, चांचीकला, नकतवार सहित कई अन्य गांव शामिल हैं।ग्रामीणों ने प्रदीप चंद्रवंशी के नेतृत्व में टोला असनाबांध, कचनरवा में प्रदर्शन कर कहा कि योजना फ्लॉप साबित हो रही है। कई हैंडपम्प वर्षों से खराब पड़े हैं और लोग नदी-नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। बिहारी प्रसाद यादव ने बताया कि फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में अब भी लोग सुरक्षित पानी तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार, नंदलाल चेरो, रमेश, लकठु, कृष्णा, अखिलेश, सोनी, पूनम, प्रमिला, आदित्यनाथ शामिल रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शुद्ध पेयजल और हैंडपम्प मरम्मत की मांग की। इस मामले पर अधिशासी अभियंता अरुण सिंह ने कहा कि नदी की धारा परिवर्तन के कारण पानी आपूर्ति में समस्या आ रही है और जल्द ही इसे बहाल किया जाएगा।
Author: Pramod Gupta
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