राबर्ट्सगंज। नगर स्थित साईं हॉस्पिटल में बुधवार को जनपद के पहले आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़, विशिष्ट अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे तथा घोरावल विधायक अनिल मौर्य ने संयुक्त रूप से फीता काटकर सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस सेंटर के माध्यम से अब सोनभद्र जिले में आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) से जुड़ी सभी अत्याधुनिक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
आईवीएफ प्रक्रिया
आईवीएफ में बने भ्रूण या ब्लास्टोसिस्ट में से 1-2 अच्छे भ्रूण का चयन एम्ब्रियोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है। इन्हें पतली नली (कैथेटर) के माध्यम से डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की निगरानी में महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित करते हैं। यह प्रक्रिया बिना दर्द की होती है तथा इसमें महिला को बेड रेस्ट की आवश्यकता नहीं पड़ती। भ्रूण स्थानांतरण के बाद गर्भधारण की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से आगे बढ़ती है।
तकनीक में नए आयाम
आईवीएफ तकनीक में निरंतर हो रहे नवाचारों से निःसंतान दंपतियों के लिए एआरटी (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी) उपचार आशा की नई किरण बन रहा है। इक्सी, क्लोज्ड वर्किंग चैम्बर, लेजर असिस्टेड हेचिंग, ब्लास्टोसिस्ट कल्चर, एम्ब्रियो मॉनिटरिंग सिस्टम और इम्सी जैसी आधुनिक तकनीकें सफलता दर को और अधिक बढ़ा रही हैं।
Author: Pramod Gupta
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