December 12, 2025 5:47 am

IPS पूरन सुसाइड केस में बड़ा एक्शन, DGP शत्रुजीत कपूर समेत 14 अधिकारियों पर केस दर्ज

दलित अब भी निशाने पर- ऊँचे ओहदे भी नहीं दे पाए सुरक्षा

देश की सबसे बड़ी अदालत में हाल ही में घटी घटना- जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंककर “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लगाए गए- ने भारतीय लोकतंत्र की गरिमा पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। यह केवल अदालत पर हमला नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सोच पर प्रहार है जिसके बल पर दलित, वंचित और कमजोर तबकों को न्याय और समानता का अधिकार मिला है। विडंबना यह है कि आज भी, जब दलित समाज के लोग ऊँचे-ऊँचे ओहदों पर पहुँच रहे हैं- जज, अफ़सर, मंत्री, प्रोफेसर बन रहे हैं- तब भी उनका अपमान और शोषण रुकने का नाम नहीं ले रहा। सोशल मीडिया पर आए दिन दलितों के खिलाफ नफरत भरे वीडियो, अपमानजनक टिप्पणियाँ और हिंसा के दृश्य वायरल होते हैं। सत्ता में बैठी भाजपा सरकार इन घटनाओं को रोकने के बजाय “धर्म” और “राष्ट्रवाद” के नाम पर उन्हें ढकने का प्रयास करती दिखती है। इसी क्रम में IPS वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामला भी देश का ध्यान खींच रहा है। दलित अधिकारी की आत्महत्या के बाद अब DGP शत्रुजीत कपूर समेत 14 वरिष्ठ अधिकारियों पर SC/ST एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में FIR दर्ज हुई है। यह कार्रवाई देर से ही सही, लेकिन न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है- जो यह दिखाता है कि दलितों का उत्पीड़न केवल गाँव-कस्बों तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता और सिस्टम के गलियारों में भी जड़ें जमा चुका है। इस पूरे परिदृश्य में सवाल यह उठता है कि क्या संविधान में लिखे “समानता के अधिकार” का आज भी ज़मीनी अर्थ बचा है? क्या दलित समाज को आज भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ेगी, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों? सरकार को यह समझना होगा कि दलितों के साथ अन्याय किसी धर्म या समाज की रक्षा नहीं, बल्कि उसकी आत्मा पर चोट है। जब तक कानून के रक्षक ही भेदभाव के दोषी रहेंगे, तब तक न्याय केवल किताबों में रहेगा, ज़मीन पर नहीं। भारत तभी सशक्त होगा जब उसका सबसे कमजोर वर्ग सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेगा- यही सच्चा सनातन धर्म है।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

Hello

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल

error: Content is protected !!