सोनभद्र। जनपद सोनभद्र ने शिक्षा क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में आयोजित कार्यक्रम में आकांक्षात्मक जनपदों की श्रेणी में आयोजित “यूज़ डेटा कॉन्टेस्ट” में जनपद सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अकादमी के निदेशक द्वारा जिलाधिकारी सोनभद्र, बद्रीनाथ सिंह (आईएएस) को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, नीति आयोग की ओर से जनपद को ₹2,00,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।यह उपलब्धि वर्ष 2022-23 में विकसित “डैशबोर्ड टू मॉनिटर निपुण भारत मिशन” जैसी नवाचारपूर्ण पहल का परिणाम है। इस प्रणाली के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की सतत निगरानी, कक्षावार अधिगम लक्ष्य निर्धारण, और उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस डैशबोर्ड के विकास में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) सोनभद्र ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया, जबकि शिक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश ने अपने नवाचारी योगदान से इस पहल को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थर्ड पार्टी सर्वे के अनुसार इस प्रणाली से छात्रों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ, विद्यालयों की उपस्थिति दर बढ़ी तथा ड्रॉपआउट दर में कमी आई। राष्ट्रीय सर्वेक्षणों एवं निपुण मूल्यांकन परीक्षाओं में भी सोनभद्र के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि “यह सम्मान जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी हेतु विकसित डिजिटल प्रणाली ने शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का केंद्र बना दिया है।” जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुकुल आनंद पाण्डेय ने कहा कि “डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था ने विद्यालयों की वास्तविक समय में समीक्षा, कमजोर बिंदुओं की पहचान और सुधारात्मक कदम उठाने में अहम भूमिका निभाई है।” यह उपलब्धि जिले के शिक्षकों, शिक्षा विभाग, एनआईसी टीम तथा सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिसने सोनभद्र को शिक्षा नवाचार की दिशा में अग्रणी बनाया है।
Author: Pramod Gupta
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