सोनभद्र। कोन (मुन्ना लाल जायसवाल) आदर्श रामलीला कमेटी चांची कला द्वारा आयोजित वार्षिक रामलीला कार्यक्रम इस वर्ष भी अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक भावना से ओतप्रोत था, बल्कि इसमें गाँव की सांस्कृतिक एकता और जनभागीदारी की एक अनुपम मिसाल भी देखने को मिली।
रामलीला मंचन के अंतिम दिन, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुधीर कुमार जायसवाल ने रामलीला में अभिनय कर रहे सभी पात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, रावण, मेघनाद, विभीषण सहित अन्य सभी कलाकारों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनके अभिनय के प्रति आभार था, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने के उनके योगदान का सम्मान भी था।
कार्यक्रम के दौरान जायसवाल ने मंच से अपने उद्बोधन में कहा, “चांची कला की धरती हमेशा से सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में अग्रणी रही है। यहाँ की रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक चेतना, संस्कार और परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति है। मैं उन सभी कलाकारों और कमेटी के सदस्यों का हृदय से अभिनंदन करता हूँ, जिन्होंने इतने समर्पण और लगन से इस आयोजन को सफल बनाया। इस अवसर पर गाँव के सैकड़ों नागरिक, महिलाएँ, बच्चे, और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। रामलीला मंचन के दौरान हर दृश्य पर दर्शकों की उत्साही प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। रावण-वध का दृश्य, हनुमानजी की लंका यात्रा, और भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक जैसे प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा कलाकारों को सम्मानित करने की यह पहल लोगों के बीच अत्यंत सराहनीय रही। इससे कलाकारों में भी आत्मबल और उत्साह का संचार हुआ। रामलीला कमेटी के संयोजक और अन्य सदस्यों ने श्री जायसवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर सहयोग और प्रेरणा से ही यह आयोजन हर वर्ष बेहतर से बेहतर होता जा रहा है।
Author: Pramod Gupta
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