सोनभद्र। करीब 3 वर्ष पूर्व हुए रविशंकर गौड़ हत्याकांड में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषी विनोद बैगा को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। यदि अर्थदंड नहीं भरा गया, तो अतिरिक्त 4 माह की कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी गई अवधि सजा में शामिल मानी जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 अगस्त 2022 को रविशंकर गौड़ गौशाला की तरफ निकले थे और देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव टीले वाले खेत में पाया गया, सिर पर चोट के निशान थे। परिवार के अनुसार, आरोपी विनोद बैगा ने उन्हें अपने घर बुलाकर लाठी-डंडे से मारकर हत्या की थी।इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच में पर्याप्त सबूत मिलने पर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।
Author: Pramod Gupta
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