सोनभद्र। खनन विभाग की संलिप्तता और व्यवसायियों की मिलीभगत ने सरकार की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बिल्ली रेलवे स्टेशन पर बिना परमिट के 20 एमएम गिट्टी की सैकड़ों गाड़ियाँ गिराई जा चुकी हैं, जिसका परिवहन रेलवे के माध्यम से अन्यत्र किया जाएगा। विभाग की चुप्पी ने संदेह और गहरा दिया है। नियमों के अनुसार बिना एमएम-11 प्रपत्र के किसी भी प्रकार का कार्य अवैध माना जाता है। बताया जा रहा है कि बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र स्थित कई क्रेशर प्लांटों से बिना परमिट के गिट्टी रेलवे स्टेशन पर उतारी जा रही है। वहीं सूचना यह भी है कि बिल्लीमारकुंडी को छोड़कर अन्य स्थानों से एमएम-11 प्रपत्र लगाकर परिवहन किया जा रहा है। चूँकि बिल्लीमारकुंडी का परमिट महँगा पड़ता है, इसलिए व्यवसायी बिना परमिट गिट्टी गिराकर अन्य क्षेत्रों से सस्ते परमिट का उपयोग कर रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार खनन विभाग की शह पर फल-फूल रहा है। पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच अति आवश्यक है।
Author: Pramod Gupta
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