सोनभद्र। डाला नगर पंचायत का प्रशासनिक माहौल इन दिनों खासा गरमा गया है। अधिशासी अधिकारी (E.O.) अखिलेश सिंह पटेल पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। उन पर नगर पंचायत अध्यक्ष की अनदेखी करने, जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने और मनमानी तरीके से कार्य करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके चलते नगर का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
अध्यक्ष से दुर्व्यवहार और मनमानी के आरोप
स्थानीय सूत्रों और नगर पंचायत अध्यक्ष के करीबी लोगों का कहना है कि जब से E.O. ने कार्यभार संभाला है, तभी से उनकी कार्यशैली सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वे अध्यक्ष को किसी भी विकास कार्य की जानकारी नहीं देते। जब अध्यक्ष उनसे किसी काम के बारे में पूछती हैं तो वे नाराज़गी जाहिर करते हैं। कई बार अध्यक्ष को तब जानकारी मिलती है जब स्थानीय लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं। इससे जनता और प्रशासन के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
ठेकेदार की भूमिका पर भी सवाल
विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब आरोप लगा कि E.O. के करीबी एक ठेकेदार नगर पंचायत के सदस्यों को भड़का रहे हैं। बताया जाता है कि वह ठेकेदार सदस्यों से कहता है कि वे E.O. की टीम में शामिल हो जाएं क्योंकि उनकी पकड़ शासन-प्रशासन में काफी मजबूत है। इससे नगर पंचायत की राजनीति और भी जटिल हो गई है।
जातिवाद का आरोप
E.O. पर सबसे गंभीर आरोप नगर में जातिगत भेदभाव फैलाने का है। कुछ निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे अपने निर्णयों और व्यवहार में विशेष जाति के लोगों को प्राथमिकता देते हैं। इस कथित रवैये से नगर का सामाजिक सौहार्द बिगड़ने लगा है और जनता में रोष बढ़ रहा है।
जनता और समर्थकों की मांग
हालांकि इस मामले पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके समर्थकों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया है। वे ज़िलाधिकारी सोनभद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि नगर में विकास कार्य बिना भेदभाव और रुकावट के सुचारू रूप से चल सकें।
Author: Pramod Gupta
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