– बरेली: दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग मामले में दो शूटरों के एनकाउंटर के बाद डान रोहित गोदारा की धमकी..
– हम एनकाउंटर का बदला लेंगे, वक्त लग सकता है लेकिन माफी नहीं
बरेली (समर सैम) 12 सितंबर 2025 की सुबह 3:45 बजे का वह पल, जिसने शहर को दहला दिया था- अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात। गोलियों की गड़गड़ाहट ने पूरे इलाके की रूहें कंपा दीं। थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज होते ही मामला इतना संवेदनशील हो गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल खुलासे का आदेश जारी कर दिया। उत्तर प्रदेश शासन की अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अब परीक्षा की घड़ी में थी।जांच ने तेजी पकड़ी और तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज व क्राइम रिकॉर्ड खंगालने के बाद आरोपियों की पहचान हो गई। पुलिस के अनुसार, फायरिंग करने वाले दोनों शूटर रविन्द्र पुत्र कल्लू निवासी कहनी, रोहतक और अरुण पुत्र राजेंद्र निवासी इंडियन कॉलोनी, गोहना रोड, सोनीपत थे। ये दोनों कुख्यात रोहित गोदारा–गोल्डी बरार गैंग के सक्रिय सदस्य बताए गए। मौके से बरामद ग्लॉक और जिगाना पिस्टल के साथ कई कारतूस इस बात की पुष्टि करते थे कि यह हमला सुनियोजित और पेशेवर था। 17 सितंबर 2025 को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट और दिल्ली सीआई यूनिट की संयुक्त कार्रवाई ने इन दोनों का पीछा किया। थाना ट्रॉनिका सिटी, गाजियाबाद के इलाके में घेराबंदी हुई और मुठभेड़ छिड़ गई। जवाबी फायरिंग में दोनों शूटर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया, लेकिन रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। इस तरह बरेली कांड के दोनों मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर हो गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी कामयाबी है। परंतु इसी बीच सोशल मीडिया पर गैंग के सरगना रोहित गोदारा का एक पोस्ट वायरल हो गया है। उस पोस्ट में उसने एनकाउंटर का बदला लेने की खौफ़नाक चेतावनी दी है।
हम एनकाउंटर का बदला लेंगे, वक्त लग सकता है लेकिन माफी नहीं।
यह धमकी महज़ एक पोस्ट नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल बनाने वाली चुनौती बन गई है। प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है और पुलिस की खुफिया शाखाएँ अब लगातार गैंग के डिजिटल नेटवर्क की निगरानी कर रही हैं। गाजियाबाद से लेकर बरेली और नोएडा तक सुरक्षा और चौकसी बढ़ा दी गई है। फिल्मी जगत की हस्तियों की सुरक्षा में भी इज़ाफा किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है और कई राज्यों की एजेंसियाँ भी अब इस मिशन में सहयोग कर रही हैं। स्थानीय जनता में मिला-जुला माहौल है। एक ओर लोग पुलिस की इस कार्रवाई को राहत मान रहे हैं कि शहर को दहलाने वाले शूटर ढेर हो गए, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल धमकी ने डर की परतें गहरी कर दी हैं। परिवारों में खौफ़ है कि कहीं गैंग इस “बदले” की आड़ में कोई और सनसनीखेज वारदात न अंजाम दे दे। यह पूरा घटनाक्रम अब कानून और अपराध की उस जंग को और उभार रहा है, जिसमें एक ओर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और दूसरी ओर संगठित अपराधियों की “बदले की कसम”। सवाल अब यह है कि क्या एनकाउंटर के बाद सचमुच गैंग का नेटवर्क टूटेगा या रोहित गोदारा की यह धमकी किसी नए खूनी अध्याय की शुरुआत करेगी।फिलहाल, बरेली से लेकर गाजियाबाद तक सन्नाटा है। पुलिस बंदूक के साए में सतर्क है, आम लोग मोबाइल पर खबरें पढ़कर सहमे हैं और हर निगाह इंतज़ार कर रही है- न्याय की इस जंग का अगला मोड़ क्या होगा?
Author: Pramod Gupta
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