– 50 हजार का जुर्माना, न देने पर एक माह अतिरिक्त कैद, पीड़िता को मिलेगा 40 हजार मुआवजा
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए रमेश पुत्र काशी निवासी खरहरा टोला झरिया, थाना जुगैल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। मामला करीब साढ़े चार वर्ष पुराना है। 17 मार्च 2021 को पीड़िता के पिता ने जुगैल थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को बहला-फुसलाकर रमेश अपने घर ले गया और कई बार दुष्कर्म किया। गर्भ ठहरने पर उसने जबरन गर्भपात भी कराया और पीड़िता को धमकी दी कि किसी को बताने पर जान से मार देगा। बाद में पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना बताई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रमेश को दोषसिद्ध पाया और सजा सुनाई।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
Author: Pramod Gupta
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