– PESO के आदेशों की अवहेलना, 20 फीट गड्ढा खोदने का मानक भी नहीं अपनाया गया
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के ग्राम कोटा में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर से ब्लास्टिंग किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के गाँव के बीच मानक के विपरीत ब्लास्टिंग की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार, अचानक तेज धमाके बादल गरजने और बिजली गिरने जैसे प्रतीत हुए। आदेशित प्रक्रिया के मुताबिक इलेक्ट्रिक डेटोनेटर को अधिकारियों की मौजूदगी में 20 फीट गहरे गड्ढे में दबाकर निष्क्रिय किया जाना था, लेकिन ऐसा न करते हुए खुले में विस्फोट कर दिया गया।
इस मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी मैगजीन धारकों की सांठगांठ में लापरवाही बरतते रहे और ग्रामीणों की सुरक्षा की अनदेखी की गई। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक डेटोनेटर के निर्माण, कब्जे और आयात पर अप्रैल 2025 से प्रतिबंध लगाया है। साथ ही PESO पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन ने सभी कंपनियों को 30 जून 2025 तक इलेक्ट्रिक डेटोनेटर का उत्पादन बंद करने के निर्देश दिए थे। हालांकि जांच में यह पाया गया कि भंडारण गृहों में 30 जून से पहले के ही पुराने डेटोनेटर मौजूद थे, जिन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया अपनाई जानी थी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान न तो मानक प्रक्रिया अपनाई गई और न ही गाँव वालों को कोई पूर्व सूचना दी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व मैगजीन धारकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
Author: Pramod Gupta
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