सोनभद्र। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह व पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने शनिवार को ओबरा में निर्माणाधीन तहसील भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन निर्माण में प्रयुक्त ईंट, बालू व सीमेंट की गुणवत्ता परखते हुए निर्देश दिया कि सभी सामग्रियों का सैंपल लेकर लैब टेस्ट कराया जाए। उन्होंने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग व आरईडी को जांच की कार्यवाही अपनी देखरेख में कराने के निर्देश दिए।तहसील भवन के सभागार, उपजिलाधिकारी न्यायालय कक्ष, तहसीलदार न्यायालय कक्ष सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई दीवारों पर सीलन दिखाई दी, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कॉन्ट्रैक्टर को नोटिस जारी करने और समस्या समाप्त न होने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी ओबरा को निर्देशित किया कि भवन निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी हेतु एक कर्मचारी की प्रतिदिन ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएण्डडीएस को भी चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि तहसील भवन के सामने की सड़क का स्टीमेट तैयार किया जाए, जिसमें सड़क के बगल इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण का कार्य भी शामिल हो, ताकि आवागमन सुगम रहे और जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग शैलेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता आरईडी नूर आलम, प्रोजेक्ट मैनेजर सीएण्डडीएस रमेश चन्द्र मौर्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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