सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) यूपी के पड़ोसी प्रान्त सिंगरौली जनपद के दर्जनों बैसवार जाति के अपात्र लोग गलत तरीके से निवास और जाति प्रमाण पत्र बनवा कर यूपी के सोनभद्र में बड़ी संख्या में शिक्षक की नौकरी कर रहे है।बताया जाता है कि बैसवार जाती मध्यप्रदेश में ओबीसी श्रेणी में आते है और यूपी में अनुसूचित जाति मे शामिल है।इसी का लाभ लेकर एमपी के सिंगरौली जनपद से लगभग सैकड़ो युवा बैसवार जाती के लोग सोनभद्र के दुद्धि,ओबरा, तथा घोरावल तहसील से भ्र्ष्टाचार के ज़रिए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवा कर कूटरचित दस्तावेज के जरिये शिक्षा,राजस्व, पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों में नौकरी लेकर आनन्द ले रहे हैं। सूत्रों पर भरोसा करें तो ऐसे लोगों में कुछ ने यूपी में अपने रिश्तेदारों का पता दर्ज करा कर फर्जी निवास प्रमाण पत्र भी बनवा लिया है। जब कि मूल निवासी मध्यप्रदेश के सिंगरौली में आज भी दर्ज है।बताया जाता है कि नौकरी पाने के बाद कुछ ने सोनभद्र के विभिन्न गाँवों में एक दो विस्वा जमीन लेकर यूपी में निवास का खाना पूर्ति भी कर लिया तो कुछ ने नौकरी पाने के बाद आलीशान बिल्डिंग का निर्माण करा कर यूपी में नौकरी के साथ साइड कारोबार भी कर रहे हैं लेकिन मूल निवास एमपी में इनके परिवार रजिस्टर वोटर लिस्ट में नाम जश के तश पड़े हैं।मजेदार तो यह है कि सोनभद्र के जिस गाँव का निवास प्रमाण पत्र बनवा कर लगाया गया है वहाँ आज तक परिवार रजिस्टर अथवा वोटर लिस्ट में नाम तक दर्ज नही है।मामले का पर्दाफाश पाँच साल पहले कई समाचार पत्रों ने किया भी शासन स्तर से जाँच भी शुरू हुई लेकिन एक सांसद के राजनीतिक दबाव में म्योरपुर में तैनात तत्कालीन जाँच अधिकारी बीईओ को पनिशमेंट देते हुए ब्लाक से अन्यत्र स्थानांतरण करा दिया गया उसके बाद तो पूरा मामला रद्दी की फाइल में दफन हो गया। सोनभद्र में अभी तो केवल सिपाही भर्ती में पोल खुली है अगर पूरे प्रकरण की सीबीआई से निष्पक्ष जांच हो तो सोनभद्र से सरकारी नौकरी में चौकाने वाले आंकड़े की पोल खुल जाएगी।









