बीजपुर/सोनभद्र (विनोद गुप्त)किरबिल में निर्माणाधीन132/33 केवीए बिधुत सबस्टेशन सरकारी कागजो के विभागीय दाँवपेंच में फंस कर दम तोड़ने के कगार पर पहुँच गया है।अनुमान है कि चार्ज होने से पहले ही करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित इस सबस्टेशन के कलपुर्जे भवन बाउंड्री बरसात धूप डस्ट के कारण कबाड़ में तब्दील हो जाएंगे।चार साल से सबस्टेशन निर्माण कार्य मे लगी संस्था ट्रांसमिशन लाइन के एक्सईएन शिवधनी राम ने बताया कि इसके साथ शुरू हुए कई सबस्टेशन दो साल पहले चार्ज हो कर क्रियाशील पर है लेकिन किरबिल स्टेशन का कार्य कई सरकारी कागजों की ख़ाना पूर्ति में अभी तक लगा हुआ है।बताया गया कि वन विभाग वन निगम तहसील प्रशासन वनाधिकार समितियाँ ग्राम पंचायतों के अलावा जनपद मुख्यालय से कई ऐसे कागजात की खाना पूर्ति निर्माणाधीन स्टेशन में बाधा बनी हुई है।जानकारी के अनुसार इस स्टेशन को दो वर्ष पूर्व में चार्ज करना था लेकिन ऐसा लगता है कि यह स्टेशन इस वर्ष भी चार्ज करना असंभव है।गौरतलब हो कि वर्तमान समय मे जर्जर उपकरण के सहारे पिपरी से 132/33 केवीए बिधुत सप्लाई कुंडाडीह नधिरा बभनी बीजपुर उपकेंद्र से पोषित लगभग एक लाख आबादी के लिए अभिशाप बनी हुई है आयेदिन फाल्ट से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।बताया जाता है कि किरबिल स्टेशन का निर्माण कार्य लगभग 90% पूरा किया जा चुका है महज तीन महीने का ट्रांसमिशन लाइन का कार्य अवशेष बचा है जो वन बिभाग के 5 किलोमीटर क्षेत्र फल में पड़ने के कारण पूरा प्रोजेक्ट कागजी खाना पूर्ति में दम तोड़ रहा है।ट्रांसमिशन लाइन के एक्सईएन शिवधनी राम से जब जानकारी ली गयी तो बताया गया कि अभी बहुत कुछ कागजी खानापूर्ति करनी बाकी है वन विभाग से एनओसी नही मिली है तमाम विभागीय अड़चन है कब तक चार्ज होगा यह कहना अभी सम्भव नही है।









