दुद्धी / सोनभद्र:(राकेश गुप्ता)तहसील क्षेत्र के बघमंधवा के पहाड़ियों में हो रहे आए दिन ब्लास्टिंग से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों सहित रहवासियों को काफी दिक्कतें हो रही रही है,कभी लोगो के घरों की पक्की दीवार में दरार आ रही है तो कभी ब्लास्टिंग के पत्थर लोगो के लहलहाते फसलों/ खेतों में या घरों के छज्जों पर गिर जा रहे है , मुर्गी फार्म का कार्य प्रभावित हो रहा है।जिससे लोग सहमे हुए है आदि का आरोप लगाते हुए ग्रामीण कृष्ण कुमार,विनोद कुमार राजेश कुमार रमेश कुमार,सूर्य प्रकाश यादव ,बैजनाथ मुहम्मद इस्राफील ,अरविंद यादव उर्मिला देवी, रोवन यादव,उदय शर्मा,उमा देवी,आदि ने कहा कि करीब डेढ़– दो वर्षों से समय समय पर ब्लास्टिंग कर पत्थरों का परिवहन कराया जा रहा है ।परिवहन के दौरान ज्यादातर वाहनों पर बगैर परमिट ही परिवहन होते है।ढाई सौ घन मीटर की परमिट पर चार सौ घन मीटर तक पत्थरों की बिक्री क्षेत्र में की जा रही है।जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है। यहां बिना सेफ्टी के ब्लास्टिंग और परिवहन लगातार जारी है।बताया कि कैमिकल से ब्लॉटिंग करने का परमिशन है लेकिन उच्च तीव्रता वाले एडी गुल्ला से ब्लास्टिंग किए जा रहे है ।ब्लास्टिंग से आस पास के वृद्ध भी सहमे हुए है।मुर्गी फार्म प्रभावित हो रहा है महुआ का पेड़ सूखने की कगार पर है साथ ही बिना अनुबंध के जमीनों का प्रयोग भी किया जा रहा है।ग्रामीणों ने ओबरा से आ रहे ब्लास्टिंग करने वाले कर्मियों पर सवाल उठाए है।
ग्रामीणों के द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने जाताजुआ /बघमंधवा के तीनों पहाड़ियों का स्थलीय निरीक्षण किया और शिकायकर्ता ग्रामीणों से यथा स्थिति की जानकारी ली।इस दौरान लीज साइड के ऑफिस पर ब्लास्टिंग से संबंधित पत्रावलियों का निरीक्षण किया लेकिन मौके पर कोई संतोषजनक पत्रावली नहीं दिखाई गई।निरीक्षण उपरांत उपजिलाधिकारी ने मीडिया से वार्ता के दौरान कहा कि शिकायत आई थी कि ब्लास्टिंग किया जा रहा है आने पर जांच के दौरान पता चला कि लाइफ मैप बिल्डर कंपनी की लीज है। जिसके डायरेक्टर अजय कुमार सिंह है और उनके द्वारा ब्लास्टिंग किया जा रहा है। मौके पर लीज सहित परमिशन के पत्रावलियों को देखा गया लेकिन दिखाए गए पत्रावलियों से संतुष्टि नहीं हो पाई । लगातार नोटिस भेजी जाएगी अगर दो से तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं भेजे और पत्रावलियों को प्रस्तुत नहीं किया तो अवैध खनन और अवैध ब्लास्टिक माना जाएगा जिसमें संबंधित के खिलाफ उचित धाराओं में कार्यवाही होगी।
जब तक यह क्लियर नहीं हो जाता कि नियम निर्धारित करते हुए ब्लास्टिंग हो रही है या नहीं तब तक ब्लास्टिंग पर रोक रहेगी। ग्रामीणों की जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई संबंधित संस्था करेगी।








