बीजपुर(सोनभद्र)शिक्षा क्षेत्र म्योरपुर अंतर्गत एबीएसए के संरक्षण में स्कूलों पर शिक्षकों को प्रताड़ित कर उनसे धन उगाही करने वाले रैकेट का खुलासा करने के लिए भाजपा के मंडल मंत्री सुधीर पांडे ने जिलाधिकारी को पुनः पत्र भेज कर मामले की गैर विभागीय जांच कराए जाने की मांग की है।महानिदेशक बेसिक शिक्षा के स्पष्ट आदेश के बावजूद संकूल शिक्षक विद्यालय समय में दूसरे स्कूल में विद्यालयों की जांच किया करते है और शिक्षकों को अनुपस्थित दिखा कर वेतन रुकवा कर धनउगाही के जरिये प्रताड़ित करने का आरोप है और स्वयं को अधिकारी जैसा रौब दिखा कर शिक्षकों को धमकाया भी जाता है।मंडल मंत्री ने भेजे पत्र में अवगत कराया है की मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जिले में विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था की जांच के लिए बनाए गए जिला टास्क फोर्स और ब्लॉक टास्क फोर्स में सेंध मारते हुए म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र के कुछ संकूल शिक्षकों का रैकेट डीटीएफ और बीटीएफ का अधिकारी बन विद्यालयों की जांच कर शिक्षकों को अनुपस्थित दिखा कर वेतन रुकवा दिया जाता है जब कि वास्तविक ब्लाक से नामित अधिकारी कभी विद्यालय पर जांच करने पहुंचते ही नहीं। बताया गया है कि शिक्षकों को प्रताड़ित करने वाले उक्त रैकेट का सरगना म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र का एक प्रभारी प्रधानाध्यापक संकुल शिक्षक बताया जा रहा है जिसे कुछ दिनों पहले एबीएसए द्वारा अपनी गाड़ी में बैठा कर वैढन तक घुमाया गया था।मंडल मंत्री सुधीर पांडे ने ब्लॉक शिक्षा समिति के सदस्यों द्वारा अक्टूबर माह में कंपोजिट विद्यालय बीजपुर प्राथमिक विद्यालय म्योरपुर में की गई जांच की गैर विभागीय जांच कराए जाने की मांग की है और कहा कि किस आधार पर दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों सहित चार अन्य शिक्षकों का वेतन रोक कर प्रताड़ित किया जा रहा है जबकि सभी शिक्षक निरीक्षण तिथि में विद्यालय पर उपस्थित थे।मजेदार बात तो यह है कि बीटीएफ समिति की उक्त जांच में विद्यालय पर कोई अधिकारी गया ही नही था लेकिन संकूल शिक्षक जरूर गए थे और फरवरी माह में 14 तारीख को भी म्योरपुर का एक संकूल शिक्षक जांच अधिकारी बनकर कंपोजिट विद्यालय नेमना में एबीएसए के साथ पहुंच कर विद्यालय की जांच किया था एबीएसए तो तथाकथित दो संकूल शिक्षकों को साथ ले कर खुलेआम घूम ही रहे है लेकिन सवाल यह भी उठ रहे हैं कि बीटीएफ में वह कौन अधिकारी हैं जो इन संकूल शिक्षकों को ओटीपी शेयर कर मनमानी करने का मौका दे रहे हैं।इस बाबत बीएसए मुकुल आनन्द पांडेय को फोन किया गया लेकिन उनका फोन नेटवर्क से बाहर होने के कारण बात नही हुई।









