सोनभद्र (समर सैम) जनपद की गिट्टी एवं बालू उच्च क्वालिटी की है। जिसके कारण पूर्वाचल में इसकी डिमांड अधिक है। पूर्वाचल में गिट्टी बालू के कुल खपत का तक़रीबन चालीस प्रतिशत अकेले जनपद सोनभद्र पूरा करता है। मांग की अपेक्षा उत्पादन कम होने के चलते अधिक मुनाफाखोरी के लिए जनपद में व्यापक पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध खनन को दिन रात बेधड़क अंजाम दिया जा रहा है। खनन विभाग सीएम योगी आदित्यनाथ के पास है। जिसके चलते अवैध खनन की चिंता उन्हें ज़्यादा सताती है। अब योगीजी ने सख्त फरमान जारी किया है। जिसका असर जनपद में देखने को मिल रहा है। सीएम ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की बैठक लेते हुए कहा कि अवैध खनन पर होगी सख्त कार्रवाई। साथ ही डीएम व खनन अधिकारी की तय होगी जवाबदेही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में बुधवार को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में 2407.20 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। इसमें और वृद्धि की अपेक्षा है। उन्होंने सख़्त लहज़े में कहा कि राजस्व प्राप्ति के लिए डीएम और जिला खनन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए। सोनभद्र, बांदा, कौशांबी और महोबा में खनन के लिहाज से राजस्व वृद्धि की असीम संभावनाएं हैं। कम राजस्व प्राप्त करने वाले जिलों में बढ़ोतरी के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन, विभाग और जिलास्तर पर लंबित आवेदन पत्रों पर शीघ्रता से निर्णय लेकर कार्रवाई बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के कैचमेंट एरिया में किसी भी तरह के अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम विपरीत खनन करने पर पट्टा होगा निरस्त। नदियों में होने वाले मोरंग खनन में नियमों का पालन करना सुनिश्चित किया जाए। तकनीक का उपयोग करते हुए इसे सख्ती से रोका जाए। स्वीकृत खनन क्षेत्र के अंदर खनन कर रहे वाहनों पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाया जाए। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि खनन स्वीकृत क्षेत्र में ही हो रहा है या नहीं। सीएम के इस सख़्त रवैय्या से जनपद में हलचल मचना लाज़िमी था। सोन नदी में बाकायदा पोकलेन माशीनों को लगाकर नदी का सीना चाक किया जा रहा है। अघोरी खास खण्ड में स्थित सोन नदी को इस बेतरतीबी से खनन किया गया है कि उसकी मूल संरचना ही बदलती जा रही है। जबकि अघोरी खास खण्ड का सोन नदी का तट घड़ियाल एवं कछुआ के लिए जाना जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि पहले बड़ी तायदाद में कछुआ एवं घड़ियाल तट के किनारे दिखाई पड़ते थे। परंतु समय के साथ खनन के चलते विलुप्त होते जा रहे हैं। पोकलेन माशीनों से होने वाले खनन के चलते तमाम जलीय जीव जंतुओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यही नहीं अस्थायी पुल बनाकर नदी की धारा को रोककर दिन रात अवैध खनन खुलेआम किया जा रहा है। नदी की धारा रुकने से नदी के साथ साथ उसमें पाये जाने वाले जलीय जीव जंतुओं को भी नष्ट किया जा रहा है। लोभ में खनन व्यववसाई प्रकृति से खिलवाड़ कर प्रलय को निमंत्रण दे रहे हैं। आज नहीं तो कल इसका खामियाजा हम सभी को उठाना पड़ेगा। जिला खान अधिकारी सोनभद्र ने बताया कि सीएम के आदेश पर मिर्जापुर मंडल स्तर पर टॉस्क फोर्स गठित की जा रही है। जिससे बेतरतीब अवैध खनन पर लगाम लगाया जा सके।
Author: Pramod Gupta
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