बीजपुर(विनोद गुप्त)छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकल कर यूपी के सुप्रसिद्ध गोबिंद बल्लभ पंत सागर में विलय हुई चर्चित अजीर नदी का जलस्तर सोमवार की रात एक बजे के बाद खतरे का निशान पार कर गयी नदी में पानी का बहाव इतना तेज था कि पुल के ऊपर लगभग तीन फीट पानी बढ़ने से रात एक बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक रेणुकोट बीजपुर सड़क मार्ग पर आवागमन पुरी तरह से बन्द हो गया नदी के दोनों तरफ सड़क पर वाहनों की दूर तक कतार लग गयी मौके पर तमासा देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।जलस्तर बढ़ता देख लोगों का कौतूहल बढ़ गया पानी की रफ्तार से अजीरेश्वर धाम मंदिर की बनी बाउंड्री और कुछ सीढ़ी को क्षति पहुँच गयी।बताया गया कि बाउंड्री और सीढ़ी का कुछ हिस्सा पानी के बहाव में टूट गया है।गौरतलब हो कि जुलाई माह में दो बार और अगस्त में एक बार भारी बारिश के कारण लगभग दस वर्षों का रिकार्ड तोड़ कर नदी का रौद्र रूप तीसरी बार लोगों को देखने के लिए मिला है।मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर खिसकने के बाद यात्री बसें सहित निजी वाहनों और परियोजना में डियूटी पकड़ने वाले लोगों का आना जाना शुरू हुआ।









