सोनभद्र। जिले में आनलाइन अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और ऑनलाइन हाजिरी के आदेश को अव्यवहारिक बताया। शिक्षकों ने कहा कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया तो वह और तेज आंदोलन करेंगे। शासन ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की आनलाइन हाजिरी का आदेश दिया है। आदेश जारी होने के बाद से ही शिक्षक लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। संगठनों के आवाह्न पर शिक्षक लगातार इसका विरोध कर प्रदर्शन एवं ज्ञापन दे रहे हैं।
संयुक्त शैक्षिक संगठन संघर्ष समिति के बैनर तले समस्त शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष संतोष कुमारी, योगेश पाण्डेय, कौशर जहां सिद्दकी ने कहा कि सरकार जिस तरह से सरकार हम लोगों को आनलाइन अटेंडेंस के लिए बाध्य कर रही है निश्चित रूप से दुखद है। यही कारण है कि हम लोग अपनी बात को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
जिलाध्यक्ष शिवम अग्रवाल, अशोक कुमार त्रिपाठी, रवि भूषण सिंह, वकील अहमद ने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि अन्य विभागों को तरह हमें 30 EL और 15 हाफ सीएल दिया जाए। इसके साथ ही राज्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए।
उन्होंने कहा कि आनलाइन अटेंडेंस को लेकर ऐसा नियम बनाया गया है। यदि विद्यालय समय में किसी शिक्षक या उसके परिजनों के समक्ष कोई इमरजेंसी आ गई तो उस समय उसके छुट्टी का कोई प्रावधान नहीं है। इस समय विद्यालय छोड़ने पर कार्रवाई सहित उसका पूरा वेतन काटा जाएगा जो निश्चित रूप से दुखद है। ऐसे में हमारी मांग है कि हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए। हम लोग ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए तैयार हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री को सम्बोधित सात सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा इस मौके पर राजेश अग्रहरी, दिव्या राय केके सिंह, अखिलेश सिंह गुजन, शिखा सिंह कृष्णा शुक्ला ममता जालान जय श्री विश्वकर्मा, रविंद्र चौधरी आदि समेत हजारों शिक्षक मौजूद रहे।

Author: Pramod Gupta
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