August 31, 2025 11:23 am

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की भूमिका पर उठ रहे सवाल, जिला प्रशासन से लगाई गुहार

– स्टोन क्रशर प्लांटों के वायु प्रदूषण से लोग हो रहे परेशान

सोनभद्र- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहा है। इसका खामियाजा जिले के आम आवाम को भुगतना पड़ रहा है। प्रदूषण की मार से परेशान लोगों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। जिले के डाला, ओबरा, बिल्ली मारकुण्डी और सिंदुरिया खनन क्षेत्रों में संचालित दो सौ से अधिक स्टोन क्रशर प्लांटों में पत्थरों को क्रस करने के दौरान उड़ने वाले डस्ट के गुबार से बार से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण फैल रहा है। इस प्रदूषण से खनन क्षेत्रों का वातावरण हमेशा धुंध में समाहित रहता है। ऐसा प्रदूषण सूबे के किसी स्थल पर शायद ही देखने को मिले। लोगों का कहना है कि

राबर्ट्सगंज नगर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यलय है। इस कार्यालय से उक्त खनन क्षेत्रों की अधिकत दूरी 25 किमी. से 30 किमी हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के चश्मे से वहां का प्रदूषण क्यों नहीं दिखाई देता है इसकी शासन को किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और समस्या का त्वरित निराकरण करवाना चाहिए जिससे खनन क्षेत्र समेत उसके आस-पास के बस्ती के लोगों को प्रदूषण से निजात मिल सके। लोगों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के हुक्मरान मलाई काटने के चक्कर में प्रदूषण फैलाने वाले स्टॉन क्रशर प्लाटों पर कार्रवाई नहीं करना चाहते। शिकायत पर उनके स्तर पर दो चार स्टोन क्रशर प्लांटों पर कार्रवाई कर दी जाती है।

मंत्री समस्या पर हैं खामोश

लोगों का कहना है कि सूबे के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड़ का डाला क्षेत्र के बाड़ी में घर है और वह वहीं पर अक्सर निवास भी करते हैं। मंत्री जी को स्टोन क्रशर प्लांटों का वायु प्रदूषण क्यों नहीं Ay दिखाई पड़ता और यदि दिखाई पड़ता है तो उन्होंने अब तक इस समस्या पर क्या कदम उठाया है इसे प्रदूषण से प्रभावित जनता नहीं समझ पा रही है। उधर इस बाबत जब मंत्री से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि वह सूबे की राजधानी लखनऊ में हैं। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

अनेक बीमारियों से ग्रसित हो रहे ग्रामीण

अधिकारी नहीं लेते दिलचस्पी

स्टोन क्रशर प्लांटों द्वारा फैलाए जा रहे वायु प्रदूषण से पथर खनन क्षेत्र समेत उसके आस पास के बस्तियों की जनता काफी अरसे से पेट रोग समेत कई तरह की बीमारी की चपेट में आकर परेशान हो रही है। उसके उपचार के प्रति हाकिम संजीदा नहीं रहते। उधर इस समस्या के बाबत जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन किया गया तो जवाब मिला कि साहब के दूसरे नंबर पर वार्ता कर लें। उनके दूसरे नंबर पर फोन किया गया तो काल रिसीब नहीं हुआ। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

समाजसेवी राकेश सिंह ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी विभिन्न पदों पर तैनात रहे हैं। वह जिले के प्रदूषण नियंत्रण के प्रति दिलचस्पी नहीं लेते हैं। इससे वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर बिजली परियोजनाओं के राखड़ की सड़क मार्ग से बेतरतीब ढुलाई से प्रदूषण फैल रहा है। उनके द्वारा इस समस्या पर उनके द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है। बताते हैं कि ओवरलोड ट्रकों से जहां तहां राखड़ चालक सड़क पटरी पर गिरा कर तेजी से आगे निकल जाते हैं। हवा बहने पर सड़क के किनारे गिरने वाले राखड़ इ से प्रदूषण फैल रहा है और वह स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा है।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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