रामगढ/ सोनभद्र (अरविंद गुप्ता) राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के संगठन ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलकर प्रधानों के हित के लिए ज्ञापन सौप की प्रेस वार्ता जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि 24 मई को जारी एक आदेश के माध्यम से पंचायत सहायक के फेस रिकग्निजेशन को अनिवार्य कर दिया गया था प्रदेश के प्रधानों में इससे नाराजगी थी संगठन के मांग पर इस आदेश में बदलाव कर दिया गया है प्रधान सचिव तथा सहायक मे किसी एक पदाधिकारी के फेस का रिकग्निजेशन से अब भुगतान किए जा सकेगें उन्होंने बताया कि सरकार तथा प्रधानों के बीच का गतिरोध इससे समाप्त हो गया है मनरेगा के भुगतान के अधिकार ग्राम पंचायत को प्रदान किए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जा चुकी है जिला योजना समितियों में प्रधानों को सदस्य नामित किए जाने का ऐलान भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था इन मांगों को पूरा किए जाने की प्रक्रिया चल रही है कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष गोपीनाथ गिरी ने पत्रकारों को प्रेस वार्ता में बताया कि एक प्रतिनिधि मंडल ने पदाधिकारी के एक प्रतिनिधिमंडल ने 10 सूत्री मांगें विभाग शासन तथा सरकार के समक्ष रखी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मांग पत्र पर बिंदुवार संज्ञान लेते हुए संदर्भित किया है संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्वेता सिंह ने बताया कि कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर पंचायती राज निदेशक अटल कुमार राय द्वारा मांगों को पूरा किए जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं छोटी ग्राम पंचायत को अधिक धनराशि अन्य विभागों के कार्यों के लिए पृथक बजट नीति निवारण प्रकोष्ठ का गठन पंचायत सदन की स्थापना ग्राम शिक्षा समिति को अधिकार पंचायत उद्योगों की स्थापना तथा ग्राम पंचायतों में औद्योगिक क्षेत्र की प्रस्ताव इसमें शामिल है डॉ अखिलेश सिंह राष्ट्रीय संयोजक राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, गणेश ठाकुर राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी उत्तराखंड, ललित शर्मा प्रदेश अध्यक्ष, गोपीनाथ गिरी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, श्वेता सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे









