बीजपुर(विनोद गुप्त)दुधहिया मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा के छठवें दिन राम जानकी विवाह प्रसंग सुन श्रद्धालु भक्त निहाल हो गए कथा के दौरान कई रोचक भजनों पर लोग जमकर थिरके।कथा वाचक रामचन्द्र दास ने जब बागवानी में सीता राम के मिलन का बखान किया “राम देखे सिया को सिया राम को
चारो अखिया लड़ी की लड़ी रह गई।
तो भक्तगण झूम उठे और बताया कि देश के कोने कोने से आए राजाओ से जब शिव का धनुष उठा तक नही तो गुरु की आज्ञा पाकर राम ने शिव धनुष को उठाकर तोड़ डाला शर्त के अनुसार माता जानकी ने श्रीराम को वर माला पहना कर अपने पति के रूप में चुना तो जनकपुर में हर्ष का माहौल हो गया चारो तरफ से पुष्प वर्षा होने लगी।इस प्रसंग के बाद कथा वाचक ने सुंदर भजन गया।
श्री रघुवर कोमल कमलनयन को पहनाओ जयमाला,
यह पूण्य मुहूर्त श्रणिम अवसर फिर नही है आने वाला,
के द्वारा उपस्थित श्रोताजनो को भाव विभोर कर दिया।मंत्रोउपचारन के साथ राम जानकी विवाह संपन्न हुआ और महिलाओं ने खूब मंगल गीत और गारी गए। अंत मे श्रीराम जानकी के बारात की मनमोहक झांकी निकली गयी।इस मौके पर इन्द्रेश सिंह, लल्लन सिंह, यसवंत सिंह, गिरजाशंकर पांडेय, श्रीराम यादव,राजेश जायसवाल, उपेन्द्र प्रताप सिंह, राजेश सिंह, रामकृत गुप्ता, अनिल त्रिपाठी सहित सैकड़ो श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।
