August 30, 2025 5:27 pm

शिक्षा से लेकर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने का अधिकार हमे भारत रत्न बाबा साहेब डा.भीमराव अंबेडकर द्वारा संकलित संविधान ने दिया है : मिलिंद रावत

घोरावल/ सोनभद्र- नगर घोरावल में भारत रत्न डा. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में अंबेडकर चेतना समिति के संयुक्त तत्वावधान में ज्ञान दिवस मनाया गया. मिलिंद रावत ने इसकी अध्यक्षता की. कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया.अंबेडकर चेतना के अन्य सदस्यों ने पुष्प चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

कार्यक्रम अध्यक्ष लोगो को बताया कहा जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले अम्बेडकर को समानता एवम ज्ञान का प्रतीक माना जाता है.
उनका नारा शिक्षित बनो, संगठित रहो व संघर्ष करो, जिस तरह महाभारत रामायण का प्रसारण किया जाता है उसी तरह से संविधान का टीवी चैनलों पर प्रसारण करना चाहिए संविधान की देन है जो चपरासी से लेकर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधिश बन सकते है। जो आज के समय में भी प्रासंगिक है. भारतीय समाज, लोकतंत्र, राजनीति एवम संस्कृति पर आंबेडकर जी का गहरा प्रभाव पड़ा है। देश के हर नागरिक के लिए संविधान का निर्माण करने वाले अंबेडकर का जीवन अपने आप में एक शिक्षा है कार्यक्रम संयोजक महेश रावत ने कहा बाबा साहेब हमारे बीच तो नहीं हैं पर उनके विचार आज भी लोगों के साथ है जो जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. किसन रावत ने कहा संविधान निर्माता एवम सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप मे यह याद किए जाते हैं.
उन्होंने कहा की प्रत्येक व्यक्ति संविधान का सम्मान करें, जाति प्रथा, धर्म के नाम पर किसी से बैर ना रखें, बाबा साहेब के दिखलाए मार्ग पर चलें. समाजिक न्याय के पुरोधा अंबेडकर जी को याद किया गया. कार्यक्रम में मिलिंद रावत महेश रावत किशन रावत सूरज रावत सत्य प्रकाश यादव रितेश रावत राम प्रसाद हरीश चंद चंदन रावत कमल किशोर सूरज कुमार चिरंजीव रावत युगल रावत श्याम सुन्दर यादव शिवा सत्यम गौतम शिवम गौतम अनिल कुमार संजना अनुराधा अजय रावत राजेश रावत एवम दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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