सोनभद्र- घोरावल तहसील क्षेत्र के ओबराडीह में चल रही यज्ञ में व्यासपीठ से कथा वाचक आराधना चतुर्वेदी ने शुक्रवार को कहा कि
कलियुग में मात्र भक्ति ही ईश्वर को प्राप्त कराने वाली है। और यदि राम राज्य की कामना हमारे मन मे है तो हम सभी को स्वयं के भीतर के राम को जागृत करना होगा। रामराज्य के लिए भाइयों की आपसी साझेदारी प्रभु श्रीराम व भरत जी जैसी होनी चाहिए । जिस दिन हमारे मन मे रामचरितमानस की कथा सुन कर त्याग की भावना जागृत हो और मन के द्वेष व अहंकार के भाव कम होने लगें उसी दिन से हमारा घर अयोध्या हो जाएगा। और तब भारत को पुनः अखण्ड भारत बनाने का संकल्प पूर्ण होने लगेगा। उपरोक्त बातें घोरावल तहसील के ओबराडीह में चल रही श्री अभिषेकात्मक रुद्रमहायज्ञ व श्रीराम कथा के विश्राम दिवस की संध्या में बाल व्यास आराधना शास्त्री जी ने कहीं। कथा में प्रभु श्री राम जी के अयोध्या में राज सिंहासन के अवसर पर यज्ञाचार्य पण्डित निरजानंद शास्त्री के निर्देशानुसार सभी माताओं बहनों को प्रसाद स्वरूप श्रृंगार सामग्री व सभी भक्तों को खजाने के प्रसाद स्वरूप सिक्का दिया गया। कथा पंडाल भक्तों के जयजयकार से गुंजायमान हो उठा। भक्तों में बहुत अधिक संख्या में यज्ञ मण्डप की परिक्रमा की। आचार्य जी ने बताया कि 23 मार्च को यज्ञ की पूर्णाहुति, कलश विसर्जन व भंडारा किया जाएगा । जिसमें सभी को आमंत्रित किया जा रहा है कि इस सुअवसर पर आकर पूण्य के भागी बनें। इस अवसर पर तमाम लोग मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
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