– एनटीपीसी प्रबंधन की सतर्कता से बची जान
सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंटकबेल के पास स्थित राख बंधे में एक बेजुबान बैल पिछले तीन दिनों से राख की दलदल में फंसा हुआ है। भूख-प्यास और कीचड़ की गिरफ्त में कैद यह बैल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है जिसे निकालने के तमाम प्रयास अब तक विफल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार डूमरचुआ निवासी सुरेश गुप्ता का बैल चरते समय अचानक रास्ता भटक कर इंटकबेल के पास स्थित राख बंधे के समीप चला गया। यहाँ राख की गीली दलदल में बैल बुरी तरह धंस गया।जब काफी समय तक बैल घर नहीं पहुँचा तो मालिक सुरेश गुप्ता ने उसकी खोजबीन शुरू की। ढूंढते-ढूंढते जब वे राख बांध के पास पहुँचे तो बैल को असहाय अवस्था में दलदल में फंसा देख उनके होश उड़ गए। बैल के फंसे होने की खबर मिलते ही डूमरचुआ और आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। पिछले तीन दिनों से ग्रामीण लगातार लाठी,डंडे और रस्सियों के सहारे बैल को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। रामलाल, मेघनाथ, विवेक, जयप्रकाश, नर्मदा, श्यामनारायण और रामरक्षा जैसे ग्रामीण पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राख इतनी गहरी और चिपचिपी है कि बैल को बाहर निकाल पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। तीन दिनों से फंसे रहने के कारण बैल काफी कमजोर हो चुका है वही मामले की सूचना मिलते ही एनटीपीसी रिहंद के मानव संसाधन अपर महाप्रबंधक राजेश बोयपायी ने सतर्कता बरतते हुये तत्काल सीआईएसएफ के जवानों को मौके पर भेजा और बेजुबान बैल को दलदल से निकलवाया।
Author: Pramod Gupta
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