सोनभद्र। करीब 3 वर्ष 11 माह पूर्व 10 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए आरोपी विजय उर्फ टीपू साहनी को दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे तथा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।अभियोजन पक्ष के अनुसार चोपन थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित के पिता ने 21 मार्च 2022 को चोपन थाने में तहरीर देकर बताया था कि 20 मार्च 2022 को शाम करीब 7 बजे विजय उर्फ टीपू साहनी पुत्र बाले साहनी, निवासी कुरहुल, थाना चोपन ने उसके 10 वर्षीय पुत्र को चने के खेत में बुलाकर अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद बालक ने घर पहुंचकर इसकी जानकारी अपनी मां को दी, जिसके बाद परिजनों को पूरी घटना की जानकारी हुई और पुलिस को सूचना दी गई। तहरीर के आधार पर चोपन पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अप्राकृतिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के उपरांत आरोपी को दोषी ठहराया और उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
Hello









