February 18, 2026 8:53 am

ओबरा-बिल्लि-मारकुंडी की पहाड़ियाँ फिर कांप रही, सवाल ये है-जब कागज़ पर ताला जड़ा है, तो ज़मीन पर बारूद कौन फोड़ रहा है? 

सोनभद्र। ओबरा–बिल्लि-मारकुंडी क्षेत्र की पहाड़ियाँ एक बार फिर धमाकों की गूंज से कांपती नजर आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस खनन बेल्ट पर प्रतिबंध लगाए जाने की चर्चा है, वहां कथित तौर पर अब भी मशीनों की आवाज, ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग की गतिविधियां जारी होने के आरोप सामने आ रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश दोनों बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले सख्त निर्देश जारी किए गए थे, जिनमें खदान के तल पर कार्य रोकने, सीमित क्षेत्र में ही सुधारात्मक कार्य (रेक्टिफिकेशन) करने और निर्धारित समय में सुरक्षा सुधार की रिपोर्ट प्रस्तुत करने जैसी शर्तें शामिल थीं। लेकिन यदि सुधार कार्य की आड़ में पत्थर खनन, बोल्डर परिवहन और ब्लास्टिंग जारी है, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय भी धमाकों की आवाजें सुनाई देती हैं और भारी वाहन पत्थर लादकर गुजरते देखे जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है, बल्कि मजदूरों और आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।गौरतलब है कि खनन क्षेत्र में पूर्व में हुए हादसों की स्मृतियां अभी भी लोगों के मन में ताजा हैं, जिनमें मजदूरों की जानें गई थीं और कई परिवार प्रभावित हुए थे। ऐसे में यदि प्रतिबंधित या सीमित क्षेत्र में दोबारा तेज गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो यह गंभीर प्रशासनिक और सुरक्षा मुद्दा बन सकता है। जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आदेश जारी करने वाली एजेंसियों और स्थानीय स्तर पर निगरानी करने वाले विभागों के बीच समन्वय की स्थिति को लेकर चर्चा है। यदि वास्तव में प्रतिबंध लागू है, तो निगरानी, संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा ऑडिट और परिवहन की जांच जैसी व्यवस्थाओं की पारदर्शिता जरूरी मानी जा रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि कहीं अवैध खनन या नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही मजदूरों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई जा रही है।लोगों का कहना है कि विकास और राजस्व महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर खनन गतिविधियां संचालित करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि समय रहते सख्त कदम उठाकर क्षेत्र में सुरक्षा, पारदर्शिता और कानून के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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