लखनऊ। महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य की गरिमामयी उपस्थिति में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) तथा के मध्य जनपद सोनभद्र में “Suposhan Project” के क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम मंत्री के विधानसभा कार्यालय, लखनऊ में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी, निदेशक आईसीडीएस सरनीत कौर ब्रोका, उप निदेशक डॉ. अनुपमा शांडिल्य सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं अडानी समूह की ओर से नॉर्थ इंडिया प्रमुख एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) आनंद सिंह विसेन तथा महाप्रबंधक (कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) मनीष अग्रवाल भी मौजूद रहे। Suposhan Project का मुख्य उद्देश्य आईसीडीएस सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए 0-5 वर्ष के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में कुपोषण की रोकथाम तथा पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। यह परियोजना विभागीय व्यवस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी एवं क्रियान्वयन सहयोग प्रदान करेगी। परियोजना के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों में दुबलापन (वेस्टिंग), कम वजन (अंडरवेट) एवं ठिगनापन (स्टंटिंग) की पहचान और प्रबंधन पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की समयबद्ध पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग किया जाएगा। अडानी फाउंडेशन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का क्षमता वर्धन, व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC), पोषण परामर्श तथा ग्रोथ मॉनिटरिंग संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, किशोरियों में एनीमिया नियंत्रण हेतु परामर्श, संतुलित आहार संबंधी मार्गदर्शन और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने वाले अभियान संचालित किए जाएंगे। यह परियोजना पूर्णतः गैर-वित्तीय (नॉन-फाइनेंशियल) प्रस्ताव है, जो विभागीय संसाधनों एवं संरचनाओं के अभिसरण के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस अवसर पर मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस प्रकार की साझेदारी से जमीनी स्तर पर ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त होंगे। वहीं अपर मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में नवाचार एवं तकनीकी सहयोग की महत्ता पर बल दिया। निदेशक आईसीडीएस ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल जनपद सोनभद्र में पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
Author: Pramod Gupta
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