सोनभद्र। जनपद में एक बार फिर अवैध खनन और प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप सुर्खियों में हैं। सूत्रों के अनुसार संबंधित अधिकारियों की कथित सांठगांठ से नियमों को ताक पर रखकर खनन कार्य संचालित किया जा रहा है।बताया जा रहा है कि खनन क्षेत्र में अवैध खनन के खुलासे के बाद अब ग्राम में भी नियमविरुद्ध खनन का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि निर्धारित सीमा से हटकर, बिना बेंच (सीढ़ीनुमा कटान) बनाए खदानों से पत्थर निकाला जा रहा है, जो खनन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
परमिट के दुरुपयोग का आरोप
सूत्रों का दावा है कि बोल्डर खनन कम दिखाकर पट्टा धारक द्वारा अधिक से अधिक परमिट बेचने का खेल चल रहा है।
- परमिट जारी होता है बर्दिया के नाम पर,
- जबकि उपयोग कथित रूप से बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में किया जाता है।
यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह खनन नियमों के साथ-साथ राजस्व व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
मजदूरों की सुरक्षा पर खतरा
बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के मजदूरों से खनन कार्य कराए जाने की बात सामने आ रही है। ब्लास्टिंग के दौरान आसपास के रहवासियों में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। मजदूरों को जान जोखिम में डालकर कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
संबंधित खदान का विवरण
मामला मे. , पार्टनर अकबर अली पुत्र मजनू भाई, आरजी संख्या 941ख, बर्दिया स्थित खदान से जुड़ा बताया जा रहा है।
उठते सवाल
- क्या खनन मानकों के अनुसार बेंच बनाकर कार्य किया जा रहा है?
- क्या परमिट का उपयोग नियमानुसार उसी क्षेत्र में हो रहा है जहां से जारी किया गया?
- मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
- संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया जा रहा?
प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि—
- खनन क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए,
- परमिट रिकॉर्ड और वास्तविक खनन स्थल का मिलान किया जाए,
- सुरक्षा मानकों की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो,
- और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं।
Author: Pramod Gupta
Hello









