सोनभद्र। घोरावल तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड घोरावल अंतर्गत ग्राम पंचायत ओड़हथा सहित अधिकांश ग्राम पंचायतों में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खंड विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधानों की उदासीनता और मनमानी के चलते योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं और आम जनता को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में सड़क, नाली, जल निकासी, खड़ंजा निर्माण, हैंडपंप मरम्मत, साफ-सफाई, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में वर्तमान पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान अपेक्षित कार्य नहीं कराए गए हैं। मनरेगा योजना की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। उदाहरण के तौर पर ग्राम पंचायत ओड़हथा का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद चौधरी जनहित से जुड़े कार्यों को पूरा कराने में विफल रहे हैं। उनका दावा है कि ऐसी ही स्थिति अन्य ग्राम पंचायतों में भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी प्रकरण दर्ज कराया गया, लेकिन अब तक केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला।सबसे गंभीर आरोप घोरावल के वर्तमान खंड विकास अधिकारी नितिन कुमार पर लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे कार्यालय में बैठकर केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं, जबकि योजनाओं का वास्तविक लाभ गांवों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांवों में जाकर निरीक्षण किया जाए तो स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके।
Author: Pramod Gupta
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