सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज विकासखंड अंतर्गत मारकुंडी ग्राम पंचायत के विभिन्न टोलों-कुशहिया, पेडरहवा, सात नंबर पिरहवा, गुरमा खदान, कब्रिस्तान होते हुए गुरमा घाघर पुल, शीतला मंदिर एवं मीनाबाजार तक कराए जा रहे पीडब्ल्यूडी सड़क मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में मानकों की खुलेआम अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण में जहां मजबूत सोलिंग की जानी चाहिए थी, वहां मिट्टीयुक्त सफेद पत्थर का प्रयोग किया जा रहा है। कई स्थानों पर भस्सी और लाल मिट्टी मिश्रित पत्थर डालकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। सड़क की मजबूती के लिए आवश्यक तारकोल की मात्रा नाममात्र रखी जा रही है, जबकि छर्री का अधिक प्रयोग कर कार्य को जल्द निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही सड़क कई जगहों से उखड़ने लगी है, जिससे साफ है कि यह मरम्मत बरसात से पहले या दो-तीन महीने के भीतर ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगी। सड़क किनारे किया जा रहा पेंटिंग कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं है-न तो मोटाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही गुणवत्ता का। कुल मिलाकर यह सड़क कागजों में तो मजबूत दिख रही है, लेकिन हकीकत में यह केवल “कहानी-कहानी” बनकर रह गई है। आरोप है कि कार्य पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराया जा रहा है, इसके बावजूद न तो गुणवत्ता की कोई जांच की जा रही है और न ही अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था मनमाने ढंग से काम कर रही है और निर्माण मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्य की तकनीकी व गुणवत्ता जांच कराई जाए, प्रयुक्त सामग्री की प्रयोगशाला जांच हो तथा दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मानक के अनुरूप दोबारा सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और टिकाऊ मार्ग मिल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग समय रहते इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेगा, या फिर यह सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर कुछ ही समय में उखड़ जाएगी।
Author: Pramod Gupta
Hello









