बिना जांच के ही शिकायत को बताया गया निस्तारित, इंटरलॉकिंग निर्माण में मानकों की अनदेखी का दावा
सोनभद्र। जनपद के विकास खण्ड नगवां में मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों पर मनमानी करने का गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी शिकायत की वास्तविक जांच किए बिना ही उसे निस्तारित दिखा दिया गया, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर संदर्भ संख्या 40020026000494 के तहत दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया था कि ग्राम पंचायत कम्हरिया में रामप्रसाद के घर से रामगनेश के घर तक कराए गए इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में सरकारी मानकों का पालन नहीं किया गया है। आरोप है कि निर्माण में सोलंग (बालू-सीमेंट मिश्रण) का प्रयोग नहीं किया गया और केवल भस्सी के सहारे इंटरलॉकिंग बिछा दी गई।शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के लिए नियुक्त सचिव राजकिशोर ने बिना मौके पर पहुंचे ही रिपोर्ट लगा दी कि सड़क में कोई कमी नहीं पाई गई। जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। बताया गया कि यह कार्य क्षेत्र पंचायत द्वारा लगभग 1500 मीटर लंबाई में कराया गया है, जिसमें तकनीकी अधिकारियों की देखरेख आवश्यक थी। आरोप है कि संबंधित जेई ब्रिजेश कुमार कभी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि ग्राम कम्हरिया में कराया गया विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से बच सके और सरकार की छवि धूमिल न हो।









