सोनभद्र (दुद्धी) जनपद के दुद्धी क्षेत्र में धान खरीद क्रय केंद्रों पर अन्नदाता किसानों से धान बिक्री के दौरान 15 प्रतिशत तक कटौती किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह कटौती भूसा (खखरी) के नाम पर की जा रही थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।सोमवार को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मिर्जापुर की दुद्धी शाखा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने मंच से इस कथित घोटाले का मुद्दा उठाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मिर्जापुर-सोनभद्र के चेयरमैन डॉ. जगदीश पटेल तथा विशिष्ट अतिथि उपाध्यक्ष विपुल सिंह मौजूद रहे। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपाध्यक्ष विपुल सिंह ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार करार दिया और कहा कि सरकारी दिशा-निर्देशों में धान खरीद पर इस तरह की किसी भी कटौती का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की कि ऐसे केंद्रों की सूची बनाकर लिखित शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।उन्होंने स्पष्ट कहा कि अन्नदाताओं के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बताया गया कि इस वर्ष पर्याप्त वर्षा के चलते धान की अच्छी पैदावार हुई, लेकिन किसान सरकारी खरीद केंद्रों के चक्कर लगाते रहे। वहीं 15 प्रतिशत कटौती के डर से कई किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश हुए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।किसानों ने इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं जिलाधिकारी सोनभद्र से संज्ञान लेते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई और धान खरीद में हुए करोड़ों रुपये के कथित गोलमाल की जांच की मांग की है।
Author: Pramod Gupta
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