बीजपुर (बिनोद गुप्त )(सोनभद्र) सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्रामीण इलाके की बिजली के जर्जर उपकरण को बदलने के लिए दिए गए भारी भरकम धन के बावजूद आयेदिन जर्जर उपकरण के कारण हो रहे फाल्ट से जनजीवन मुश्किल में है।सरकार के मंशानुसार गाँवो में 18 घण्टा बिजली महज खाना पूर्ति बन कर रह गयी है।कुंडाडीह ,नधिरा, बभनी, बीजपुर सबस्टेशन पर अलग अलग तैनात जेई के बावजूद म्योरपुर उपखंड में एसडीओ और तमाम लाइनमैन सहित बिजली कर्मियों पर महीने में हो रहे करोड़ों रुपये सरकार का खर्च के बावजूद लोगबाग बिजली के लिए गाँवो में तरस रहे हैं और अधिकारी कर्मचारी मौज कर वक्त काटने में भलाई समझ रहे हैं। बताया जाता है कि दिन प्रतिदिन ब्यवस्था में सुधार के बजाय बिजली आपूर्ति और चौपट होती जा रही है।अधिकारियों कर्मचारियों के लिए जर्जर उपकरण और फाल्ट कमाई का जरिया और आपूर्ति में बहाना बना हुआ है। मजेदार बात तो यह है कि समूचे उर्जान्चल से हजारों मेगावाट बिजली ग्रिड से बाहर जाकर शहरों गाँवो को रौशन कर रही है लेकिन जहाँ बिजली का कारखाना है वहाँ दीपक तले अंधेरा वाली कहावत आजादी के पचहत्तर वर्ष पूरा होने के बाद भी कायम है। ऐसा कोई महीना अथवा सप्ताह नही जब लोगबाग फाल्ट की समस्या से न जूझते हों।जर्जर उपकरण बदलने की योजना यूपीपीसीएल के आफिस में दम तोड़ रही है।अखबारों में बदहाल बिजली आपूर्ति की खबर छपते ही अधिकारी पत्रकारों पर ऐसे भड़कते हैं जैसे सांड को लाल कपड़ा दिखा दिया गया हो लोग पूछ रहे हैं कि आखिर यह ब्यवस्था कब तक ऐसे ही चलेगी।जानकारी लेने के लिए फोन करने पर एक्सीयन पीपरी और एसडीओ म्योरपुर फोन नही उठाते।
