-कारागार का पाकशाला, पाठशाला, नवनिर्मित महिला- पुरुष बैरक, चिकित्सालय, साफ़-सफाई का भी निरीक्षण किया गया।
सोनभद्र। जिला कारागार में जनवरी 2025 से अब तक के सिद्ध दोष कैदियों से एक-एक कर सजा के विरुद्ध अपील के बावत् बातचीत किया गया, उन्हें बताया गया यदि वह किन्हीं कारणों से प्राइवेट अधिवक्ता के माध्यम से अपील करने में सक्षम ना हो तो जेल अधीक्षक के माध्यम से सजा के विरुद्ध न्यायलय में अपील योजित कर सकते हैं। जनपद कारागार का निरीक्षण कर अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया है कि जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की नियमानुसार सूचना संबंधित न्यायालय में देना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान बैरकों में कैदियों से मुलाकात कर निशुल्क विधिक सहायता, सजा याफ़्ता बंदियों के अपील के प्रावधानों के संबंध में, नियमित पेशी, खान-पान एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बावत उन्हें बताया गया। निरीक्षण के दौरान सूबेदार यादव प्रभारी अधीक्षक एवं अरविंद कुमार सिंह जेलर तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे, जेल में निरुद्ध बंदियों की कुल संख्या 794 थी जिसमें विचाराधीन बंदियों की संख्या 613 एवं सिद्ध दोष बंदियों की संख्या 181 थी। जेल में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को सलाह दी गई कि किसी प्रकार के शोषण का मामला हो तो लीगल एड क्लीनिक में अपनी शिकायत कर सकते हैं। न्यायाधीश श्री यादव ने बताया, कारागार में स्थित पाकशाला, पाठशाला, नवनिर्मित महिला- पुरुष बैरक, चिकित्सालय आदि का भी निरीक्षण किया गया। बैरक में साफ सफाई वह गर्मी से बचाव के लिए किए गए इंतजाम को देखने के बाद बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा गया। किसी भी बंदी द्वारा किसी विशेष प्रकार की समस्या से अवगत नहीं कराया गया।। निरीक्षण के दौरान समस्याएं कर्मियों के सुधार हेतु जिला कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया गया। उक्त जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार यह निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Author: Pramod Gupta
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