दुद्धी/ सोनभद्र:ब्लाक क्षेत्र के बज्रपात से प्रभावित 31 गांव में वर्ष 2023 –24 में लगे बज्रपात अलार्म सिस्टम का दो दिवसीय दौरे पर आई आपदा विभाग एवं मौसम विभाग लखनऊ की टीम के सदस्यों ने निरीक्षण किया। भौगोलिक दृष्टिकोण से पहाड़ी एवं वनआच्छादित क्षेत्र दुद्धी जहां प्रत्येक वर्ष बज्रपात के चपेट में आने से लोगों की मृत्यु हो जाती है,पशु इनसे अछूते नहीं है।ग्रामीण क्षेत्र को लोगों को आकाशीय बिजली से बचने के लिए शासन से अप्रैल 2023 में गांव के सार्वजनिक स्थानों पर बज्रपात अलार्म सिस्टम लगाया गया था जिसका अनुबंध दिल्ली की एक कंपनी के साथ एक वर्ष का था,तब आकाशीय बिजली गिरने की सूचना लोगों को सायरन के माध्यम से मिल जाती थी।अलार्म सिस्टम बज्रपात की घटना से करीब आधा घंटा पूर्व बजती थी जिसकी आवाज 2 से तीन किमी दूर तक सुनाई देती थी।31 अलार्म सिस्टम से करीब ··करीब दुद्धी ब्लाक क्षेत्र के सभी गांव कवर्ड था।बताया जाता है कि जब अलार्म सिस्टम चालू थे तब आकाशीय बिजली से नहीं के बराबर मौतें हुई ,आवाज से लोग सुरक्षित स्थानों में हो जाते थे।वर्तमान समय में जब भी ब्लाक क्षेत्र के गांव में बज्रपात होती है तो अक्सर लोगों या पशुओं के चपेट में आने से मौत हो जाती है।दौरे पर आई टीम ने अमवार, रज़खड़,जोरूखाड़,फुलवार,खजूरी केवाल, हथवानी आदि गांव में लगे अलार्म सिस्टम का निरीक्षण किया जिसमें कितने डिवाइस सही है और कितने खराब है इसकी जानकारी ली साथ ही भविष्य में इसकी उपयोगिता को कैसे बेहतर बनाया जाए इसकी भी जानकारी ली। टीम ने सभी अलार्म मशीन की जांच की। टीम के सदस्यों ने बताया कि जांचों उपरांत रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी लोगों के बेहतर लाभ एवं उपयोगिता के लिए बज्रपात अलार्म सिस्टम को और अपग्रेट किया जाएगा।गांव में लगे अलार्म पुनः शुरू किए जाएंगे।रिपोर्ट के मुताबिक इन क्षेत्रों में बज्रपात की घटना अन्य जिलों की अपेक्षाकृत खूब होती थी इसलिए यहां शासन स्तर से विशेष निगरानी है।इस दौरान टीम में राहत आयुक्त कार्यालय लखनऊ से विशेष कार्यक्रम अधिकारी अमित कुमार ,मौसम विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक सीपी वर्मा,आपदा विशेषज्ञ तत्कालीन पवन शुक्ला शामिल रहे।
