– गांव मे हर तरफ फैली गंदगी, कहाँ है स्वच्छ भारत अभियान
सोनभद्र। मुख्यालय से महज पांच किमी की दुरी पर रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के अन्तर्गत ग्राम पंचायत पंवर पोस्ट गुरूपरासी तक जाने के लिए पक्की सड़क है। गांव मे प्रवेश करते ही ग्राम पंचायत का भवन देख कर लगा की यह विकसित गांव है। लेकिन गांव के दूसरे छोर की तस्वीर ही कुछ अलग दिखी। तीसों साल पुरानी ईट बिछी सकरी गलिया, कच्चे घरों के बाहर गली मे बने छोटे छोटे गड्डे जिसमे घर का गंदा पानी इकठ्ठा होता है जिसे भरने पर बाल्टी द्वारा गांव के बाहर फेका जाता है।
घर से निकलने वाले कचरे को गांव के बाहर फेकते है जों इस मौसम मे सड़ जाता है। बरसात होने पर इन गलियों मे कीचड़ हो जाने से लोग सम्भल कर गिरते पड़ते अपने काम पर जाते है। सकरी जगह मे घनी आबादी, कच्ची गली, गली मे फैला कीचड़, नाली ना होने से गली मे घरों का बहता गंदा पानी, साफ सफाई ना होने से हर तरफ फैली गंदगी कुछ ऐसी तस्वीर है इस गांव पंवर की। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गांव-गांव में सफाई अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्लास्टिक मुक्त अभियान भी है। पंचायती राज विभाग द्वारा गांव में साफ सफाई को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं जो कि इस गांव में कहीं भी नहीं दिखाई दिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोग अभियान के तहत साफ सफाई एवं दवा छिड़काव की व्यवस्था कराई जा रही है वह भी इस गांव में देखने को नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाली सड़क पर पैदल चलना मुश्किल है बच्चे किसी तरह शिक्षा ग्रहण करने के लिए विद्यालय तक पहुंच जाते हैं।
वही गांव के लोगों का कहना है कि यदि गली नाली एवं कचरा निस्तारण की व्यवस्था कर दी जाए तो इस गांव की तस्वीर भी बदल सकती है। सवाल यह उठता है कि जब मुख्यालय से सटे गांव की यह स्थिति है तो उन दूर दराज के गांव में क्या होगा जहां पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। सरकार द्वारा लगातार विकास के दावे किए जा रहे हैं वहीं धरातल पर अधिकारियों की मिलीभगत से लोगों को मुलभुत सुविधा भी मुहैया नहीं हो रही हैं और अधिकारी कागज पर काम दिखाकर वाह वाही लूट रहे हैं। वहीं सरकार के माननीय भी सिर्फ दिखावे वाली जगह पर जाकर फोटो खींचा रहे हैं। और इस गांव के लोग विकसित गांव की तस्वीर टीवी मोबाइल पर देख कर सोच रहें है की हमारे गांव के विकास की परिभाषा शायद कुछ और होगी। ग्राम वासियों का कहना है कि उच्च अधिकारी स्वयं आकर गांव का निरीक्षण करें और गांव वालों की मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन कर उसे मुहैया कराएं क्योंकि अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा हर तरफ काम ओके ही रहता है।

Author: Pramod Gupta
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