सोनभद्र रेणुकूट का 5 जुलाई 2015 एक मात्र शिलान्यास हुआ सृजन चिक्तसाल्य एवम् ट्रामा सेन्टर कहा गया,
किस कारण जनपद एवम उसके आसपास के क्षेत्रों के आदिवासी, गरीब, पूर्व सैनिक, विकलांग, वंचितों, बालिकाओं को नही मिल पाया ये सुविधा,
जबकि निर्माण में सहयोगी संस्थाये / व्यक्तियों का औपचारिक सहयोग पत्र प्राप्त था
रेणुकूट ( सोनभद्र ) – दो सौ बेड के चिकत्सालय व ट्रामा सेंटर का शिलान्यास रामजी गली मुर्धवा रेणुकूट 5जुलाई 2015 दिन रविवार समय 11 बजे पूर्वाहन को बड़े बड़े उच्च अधिकारियों के उपस्थिति में किया गया था , उसे समय के शासन सत्ता के बड़े-बड़े अधिकारी आए और उन्होंने मंच से घोषणा किया यहां दो सौ ( 200) बेड का आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रामा सेंटर का निर्माण होगा जो डाला ,ओबरा ,अनपरा, चोपन, एवम आस पास के मरीजो को सारी सुविधा दी जाएगी , सोनभद्र के साथ – साथ आस – पास के नजदीकी राज्यों के भी मरीज यह आयेंगे, मंच से घोषणा हुआ, कंपनियों का नाम हुआ की जे एस आर के माध्यम से या जैसे भी फंड करके इसमें सहयोग करेंगे और एक भव्य सृजन चिकत्सालय व ट्रामा सेन्टर बनकर तैयार होगा , किंतु लगभग आठ वर्ष वित जाने के बाद भी उक्त ट्रामा सेन्टर का निर्माण नही किया गया और ना ही इस संदर्भ में किसी को कोई जानकारी ही मिल रहा , सारी कार्यदाई संस्था, सहयोग करता, दो एकड़ जमीन को आसमान निगल गया या जमीन धस गया, क्या किया गया कोई जानकारी नहीं मिल रही, जबकि जब से शिलान्यास हुआ तब से उसके बाद वहां की जमीनों का भाव आसमान छूने लगा सारी जमीन बेच दी गई वन विभाग देखता रह गया, क्या हुआ यह सारा एक अनसुलझी पहेली बन गई है जिसे सुलझाना अति आवश्यक है।
इस ट्रामा सेंटर में विशिष्ठताएं थी –
पूर्णतया भूक्मपरोधी,पर्यावरण मित्र, एवम विद्युत आपूर्ति हेतु पवार ग्रिड से जुड़ा व सौर ऊर्जा का प्रयोग तथा जलसंचय, एवम जल शुद्धिकरण तकनीकी से युक्त भवन का निर्माण
” एयर एंबुलेंस ” के अनुरूप आधारभूत संरचना का विकास ।
अति उच्च चिकत्सा सुविधा , आपरेशन कक्षों एवम् तद्नुरूप अति आधुनिक चिकित्सा उपकरण की व्यवस्था,
सार्वजनिक सुविधाएं , विशिष्ठचिकित्सा, सस्ते मूल्य पर आदिवासियों, विंचितो, गरीबों , बालिकाओं, विकलंगो, भूतपूर्व सैनिकों, आदि को चिक्तसाशुल्क में समयानुसार आनुपातिक छूट की व्यवस्था ।
अति कमजोर / निः सहाय रोगियों के लिए संस्था द्वारा ” उपचार निधि ” की स्थापना,
सुदूर , अग्मय गांवों को चिक्तसालय से 24 घंटे जोड़ने हेतु संसाधनों का प्रबंधन ।
” डिजीज प्रिवेंशन ” दवा एवम स्वास्थ जीवनचर्या को पूरे क्षेत्र में बढ़ावा देना ।
” जीवन रक्षक औषधियों ” को संस्था में ही संभव निम्नतम दर पर उपलब्ध कराना एवम सम्पूर्ण क्षेत्र में वितरण की व्यवस्था ।
संस्था की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली में ” सामाजिक – अंकक्षेण” तथा ” सहभागी प्रबंधन ” मांडल का प्रयोग।
सहयोगी संस्थान –
रामजी मिश्रा पुत्र स्व ० केशव प्रसाद मिश्र दो एकड़ भूमि प्रथम चरण निर्माण हेतु दिया जा चुका,
जेपी सीमेंट डाला सीमेंट देने का औपचारिक सहयोग देने का प्रपत्र प्राप्त हो गया था,
एनटीपीसी – ईट सैद्धांतिक स्वीकृति एवम् औपचारिक सहयोग पत्र प्राप्ति का कार्य प्रगति पर , क्रेशर आनर्स एसोसियेशन डाला एव बिल्ली सोनभद्र गिट्टी एवम मोरंग औपचारिक सहयोग प्राप्त प्राप्त,
मृदुनांजली आर्किटेक प्रा ०लि ० लखनऊ आर्किटेक डिजाइन पूर्ण,
एस पी एस इन्फ्र० डिजाइन कांट्रेक्टर प्रा लि लखनऊ भवन स्टैकचर डिजाइन पूर्ण,
इलेक्ट्रिक मर्चेंट एण्ड कन्धट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएट लखनऊ जेड विद्युत उपकरण की आपूर्ति औपचारिक सहयोग पत्र प्राप्त, इनवाक मेडिकल सिस्टम प्रा लि लखनऊ – चित्सा उपकरणों की स्थापना औपचारिक सहयोग पत्र प्राप्त,
गौतम बुद्ध तकनीकी विश्व विद्यालय लखनऊ – चित्सालय साफ्टवेयर एवम बेबसाइड निर्माण – पूर्ण बेवसाइड निर्माण हो चुका ,
ड्रीम आर्ट इंटर नेशनल बी 98 सेक्टर si महानगर लखनऊ – चिकित्सालय का 3 डी इमेज – पूर्ण हो चुका
नारदान कोल्ड लिमिटेड सिंगरौली मध्य प्रदेश – टी एम टी बार एवम अन्य सहयोग – आरंभिक वार्ता एवम् औपचारिक सहयोग पत्र प्राप्त हो गया था ।
निर्माण कार्य हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा स्वयं एन ओ सी देने का कार्य अंतिम चरण में था ।
प्रस्तावित निर्माण स्थल के सीमांकन का कार्य अंतिम चरण में था।
बहुमंजिला भवन निर्माण हेतु मृदा परीक्षण कार्य भी पूर्ण हो चुका था ।
रेणुकूट सोनभद्र को एक 200 बेड का ट्रामा सेंटर के शिलान्यास में उपस्थिति में मुख्य अतिथि थे अतुल गुप्ता – पूर्व मुख्य सचिव यूपी, अध्यक्षता – प्रो – आर के शर्मा निर्देशक – एसजेपीजीआई लखनऊ, विशिष्ठ अतिथि – अनिल कुमार – आईएएस आयुक्त विंध्याचल मण्डल, कार्यक्रम अभिभावक – संजय कुमार आईएएस, जिलाधिकारी सोनभद्र,

Author: Pramod Gupta
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